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Indian Railways : ट्रेन में बिना टिकट चढ़ने वालों की अब खैर नहीं, 1 जुलाई 2026 से बदल रहे नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 21 Jun 2026 11:25 PM IST

भारतीय रेलवे ने 13 साल बाद बिना टिकट यात्रा करने के नियमों को बेहद कड़ा करते हुए न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इस नए नियम में जुर्माना न भरने की सूरत में सीधे 6 महीने की जेल का भी सख्त प्रावधान किया गया है।

Indian Railways : ट्रेन में बिना टिकट चढ़ने वालों की अब खैर नहीं, 1 जुलाई 2026 से बदल रहे नियम

मुख्य बातें

  • न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपये हुआ।
  • नया नियम 1 जुलाई 2026 से होगा लागू।
  • जुर्माना न देने पर 6 महीने की जेल मुमकिन।
  • सेंट्रल रेलवे ने मई में 40.85 करोड़ वसूले।

Indian Railways New Rule : ट्रेन में बिना टिकट सफर करने वाले मुसाफिरों पर अब भारी गाज गिरने वाली है। रेल मंत्रालय ने सीधे जुर्माना दोगुना करने की पूरी तैयारी कर ली है। 1 जुलाई 2026 से अगर आप बिना टिकट पकड़े गए तो न्यूनतम 250 रुपये की जगह सीधे 500 रुपये का चालान कटेगा।

13 साल के एक लंबे इंतजार के बाद रेलवे ने अपने इस पुराने कड़े नियम में यह भारी-भरकम बदलाव किया है। सिर्फ जुर्माना ही नहीं, यात्री को तय सफर का पूरा किराया और दूसरे लागू होने वाले सभी अतिरिक्त शुल्क भी मौके पर ही टीटीई को चुकाने होंगे।

पूरा खेल कानून बदलने से शुरू हुआ है। सरकार ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 को हरी झंडी दे दी है। इस नए अधिनियम के तहत सीधे रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और धारा 138 में बड़ा फेरबदल कर दिया गया है। नया गजट नोटिफिकेशन पूरी तरह जारी हो चुका है। 1 जुलाई 2026 की तारीख से यह पूरे देश के सभी रेल मंडलों में एक साथ लागू हो जाएगा। टिकट चेकिंग स्टाफ अब सीधे नए संशोधित नियमों के तहत ही रसीद फाड़ेंगे।

नियमों के इस नए सख्त दायरे में सिर्फ बिना टिकट वाले ही नहीं आएंगे। अगर कोई शातिर यात्री पुरानी इस्तेमाल की हुई टिकट को दोबारा चलाकर सफर करने की चालाकी करेगा, तो वह भी बुरी तरह नपेगा। वैध पास न होने पर या डिब्बे की श्रेणी के हिसाब से सही टिकट न होने पर भी यह 500 रुपये का भारी हर्जाना भरना बिल्कुल तय है।

अकड़ दिखाने वाले और पैसे न देने वाले मुसाफिरों के लिए रेलवे ने सीधे कोर्ट का रास्ता साफ कर दिया है। अगर मौके पर किराया या बढ़ा हुआ जुर्माना देने से साफ मना किया, तो रेलवे की अधिकृत अदालत में सीधे घसीटा जाएगा।

मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर सीधे पैसों की कानूनी वसूली होगी। बात इतने पर भी नहीं संभली, तो सीधे 6 महीने तक के लिए जेल की हवा खानी पड़ सकती है। अदालत मुसाफिर पर 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना ठोकेगी या जेल और जुर्माना दोनों की सजा एक साथ सुना सकती है।

इस सख्त फैसले के पीछे का असली आंकड़ा भी अब पूरी तरह सामने आ चुका है। मई 2026 के अकेले महीने में सिर्फ सेंट्रल रेलवे ने एक बड़ा विशेष चेकिंग अभियान चलाया था। इस एक महीने के भीतर 4.96 लाख बिना टिकट यात्री पकड़े गए थे।

इन सभी डिफॉल्टर्स से सेंट्रल रेलवे ने कुल 40.85 करोड़ रुपये की एक मोटी रकम जुर्माने के तौर पर वसूली थी। रेल सेवाओं को पूरी तरह पटरी पर लाने और बिना टिकट होने वाली भारी भीड़ को रोकने के लिए मंत्रालय ने कानून की धाराएं सख्त की हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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