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सावन में घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध खोया, मिठाइयों का स्वाद हो जाएगा दोगुना

सावन के पावन महीने में महादेव को शुद्ध भोग लगाने के लिए घर पर मावा बनाना सबसे सुरक्षित विकल्प है। इस आसान गाइड से जानिए कि 1 किलो शुद्ध खोया बनाने में कितना दूध लगता है और इसे तैयार करने की सही विधि क्या है।

Published On: August 1, 2026 12:52 PM
Homemade Khoya

Homemade Khoya : सावन का महीना शुरू होते ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ जाती है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और व्रत रखने की परंपरा है।

महादेव को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह की मिठाइयों का भोग भी लगाते हैं। त्योहारों और सावन के सीजन में बाजार में मिलने वाले मावे (खोया) में मिलावट की शिकायतें काफी बढ़ जाती हैं।

ऐसे में व्रत और पूजा के समय बाजार की मिठाइयां सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। अगर आप महादेव को पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ भोग लगाना चाहते हैं, तो घर पर ही शुद्ध मावा तैयार करना सबसे बढ़िया तरीका है।

1 किलो खोया बनाने के लिए कितना दूध चाहिए?

घर पर मावा बनाते समय सबसे पहला सवाल यही उठता है कि दूध की सही मात्रा क्या होनी चाहिए।

दूध की मात्रा: 1 किलो शुद्ध खोया तैयार करने के लिए लगभग 4 से 5 लीटर फुल क्रीम (मलाईदार) दूध की आवश्यकता होती है।

अनुपात: अच्छी गुणवत्ता वाले 1 लीटर फुल क्रीम दूध से आमतौर पर 200 से 250 ग्राम तक मावा निकल आता है।

ध्यान दें: मावे की मात्रा पूरी तरह से दूध की गुणवत्ता और उसमें मौजूद वसा (फैट) पर निर्भर करती है।

मावा बनाने के लिए जरूरी सामान

घर पर मावा बनाने के लिए बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं होती:

दूध: 4 से 5 लीटर फुल क्रीम दूध (अपनी जरूरत के हिसाब से)

बर्तन: भारी तले की कड़ाही (लोहा, पीतल या नॉन-स्टिक कड़ाही सबसे बेहतर रहती है)

कलछी: दूध को लगातार चलाने के लिए एक मजबूत चमचा या पलटा

स्टेप-बाय-स्टेप: घर पर शुद्ध मावा बनाने का तरीका

कड़ाही में फुल क्रीम दूध डालें और मध्यम आंच पर उबाल आने दें। शुरुआत में इसे बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध नीचे से चिपके नहीं।

उबाल आने के बाद गैस की आंच धीमी से मध्यम रखें। दूध को धीरे-धीरे गाढ़ा होने दें और हर 2-3 मिनट में कलछी से चलाते रहें।

कड़ाही के किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर वापस दूध में मिलाते जाएं।

जब दूध आधा रह जाए, तब इसे चलाना बंद न करें। धीरे-धीरे दूध गाढ़ा होकर दानेदार रूप लेने लगेगा।

जब मिश्रण हलवे जैसा गाढ़ा हो जाए और कड़ाही का तला छोड़ने लगे, तो समझें मावा तैयार है। इस स्टेज पर गैस बंद कर दें। ठंडा होने के बाद यह और भी गाढ़ा हो जाएगा।

मावा स्टोर करने और इस्तेमाल के जरूरी टिप्स

बनाने का समय: धीमी आंच पर 4-5 लीटर दूध का मावा बनने में लगभग 35 से 45 मिनट का समय लग सकता है।

स्टोर करने का तरीका: तैयार मावे को पहले पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखें। यह फ्रिज में 3 से 4 दिनों तक एकदम ताजा रहता है।

लंबे समय के लिए: अगर आप इसे ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो फ्रिजर में स्टोर कर सकते हैं।

इस घर के बने शुद्ध मावे से आप कलाकंद, पेड़ा, बर्फी या रबड़ी बनाकर भगवान शिव को सात्विक और शुद्ध भोग अर्पित कर सकते हैं।

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Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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