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Uttarakhand Landslide : रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा में मलबे में दबे वाहन, यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन से फंसी गाड़ियां

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 03:06 PM IST

उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन होने से केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे बाधित हो गए हैं और राज्य भर में 111 सड़कें बंद पड़ी हैं।

Uttarakhand Landslide : रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा में मलबे में दबे वाहन, यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन से फंसी गाड़ियां

मुख्य बातें

  • राज्य के चार जिलों में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट।
  • तिलवाड़ा बाजार में मलबे के नीचे दबे सात वाहन।
  • यमुनोत्री नेशनल हाईवे स्यानाचट्टी में लगातार दूसरे दिन बंद।
  • सिलाई बैंड पर पत्थरों की चपेट में आने से बचे कांवड़िए।

देहरादून, 6 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Landslide : मौसम विभाग ने पूरे उत्तराखंड प्रदेश में बारिश का येलो अलर्ट जारी कर दिया है। देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। राजधानी देहरादून में आधी रात से मूसलाधार बारिश का सिलसिला नहीं थमा है।

प्रदेश में मॉनसून की बारिश के कारण अब तक 111 सड़कें बंद हो चुकी हैं। पहाड़ों पर कई जगह बड़े-बड़े बोल्डर टूट कर मुख्य मार्गों पर आ गिरे हैं। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग बंद पड़े इन मार्गों को खोलने के प्रयास कर रहे हैं।

रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा में हालात बेहद खराब हो गए। ऊपरी क्षेत्र से बहने वाले गिड़ भुतेर गदेरे में अचानक तेज उफान आ गया। पानी के साथ बहकर आई भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर सीधे तिलवाड़ा बाजार की सड़क पर जमा हो गए।

इस मलबे की चपेट में आकर कई वाहन दब गए। मलबे के नीचे चार मोटरसाइकिलें, नगर पंचायत तिलवाड़ा के दो कूड़ा वाहन और एक ट्रैक्टर पूरी तरह धंस गए। बाद में प्रशासन की टीमों ने जेसीबी लगाकर मलबा हटाया और क्षतिग्रस्त वाहनों को बाहर निकाला।

गदेरे का मलबा आने से केदारनाथ हाईवे पर सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। यात्री सड़क के दोनों ओर लंबी कतारों में फंसे रहे। अब हाईवे पर से मलबा पूरी तरह साफ कर लिया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर मौजूद हैं।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गया है। बुधवार से ही यह मार्ग लगातार दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) की मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं लेकिन रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से काम बार-बार रोकना पड़ रहा है।

बाड़िया गांव के नीचे हाईवे पर दलदल जैसी स्थिति बन गई है। लगातार सक्रिय भूस्खलन के कारण यहां पैदल चलना भी जानलेवा साबित हो सकता है। यात्री और स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर इस डेंजर जोन को भागकर पार कर रहे हैं।

सिलाई बैंड के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। दिन में सड़क को बमुश्किल खोला जाता है। रात होते ही पत्थरों की बारिश से रास्ता फिर बंद हो जाता है, जिससे यमुनोत्री धाम के यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत मशीनें बढ़ाकर मार्ग स्थाई रूप से खोलने की मांग की है।

बड़कोट के पास यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड में एक बड़ा हादसा टल गया। यमुनोत्री धाम से लौट रहे दो कांवड़ यात्री पहाड़ी से गिरे मलबे और चट्टानों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। अपनी जान बचाने के लिए दोनों कांवड़िए बाइक मौके पर ही छोड़कर पीछे भाग गए।

भूस्खलन थमने के बाद सिलाई बैंड से यमुनोत्री की तरफ फंसे लोग सावधानी से बड़कोट की ओर रवाना हुए। क्षेत्र में लगातार गिर रहे पत्थरों से यात्रियों में दहशत का माहौल है। रात के अंधेरे में कांवड़िए इसी खौफनाक भूस्खलन जोन को पार करने के लिए मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार ने प्रशासन से इन संवेदनशील जगहों पर लाइट लगाने की मांग उठाई है ताकि बड़े हादसों को रोका जा सके।

गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड़ के पास भू-धंसाव के कारण यातायात दो घंटे तक प्रभावित रहा। बीआरओ की टीम लगातार मशीनें लगाकर मलबा हटाने में जुटी रही। मार्ग बंद होने से कावंडियों के साथ-साथ आम जनता को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।

ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) को फिलहाल छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करने के लिए सड़क से भारी बोल्डर हटाने का काम अभी चल रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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