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Uttarakhand News : राष्ट्रीय ध्वज का अनादर पड़ा भारी, साक्ष्यों के आधार पर फारूख अहमद दोषी करार

चमोली जिले की ज्योतिर्मठ अदालत ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाले जम्मू-कश्मीर निवासी फारूख अहमद भट्ट को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। दोषी को 26 जनवरी 2025 को एक वीडियो में जेसीबी पर चढ़कर तिरंगे से हाथ पोंछते हुए देखा गया था।

Uttarakhand News : राष्ट्रीय ध्वज का अनादर पड़ा भारी, साक्ष्यों के आधार पर फारूख अहमद दोषी करार

HIGHLIGHTS

  • दोषी फारूख अहमद जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले का रहने वाला है।
  • लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य की शिकायत पर जोशीमठ थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।
  • राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत कार्रवाई।

ज्योतिर्मठ (चमोली), 14 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Uttarakhand News : उत्तराखंड के चमोली जिले में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के एक मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। ज्योतिर्मठ स्थित सिविल जज जूनियर डिवीजन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार कोरी की अदालत ने जम्मू-कश्मीर निवासी फारूख अहमद भट्ट को दोषी करार देते हुए छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने जेल के साथ-साथ दोषी पर एक हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।

वायरल वीडियो से हुआ था खुलासा

यह मामला 26 जनवरी 2025 को सामने आया था, जब गणतंत्र दिवस के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में जुम्मा क्षेत्र में सड़क निर्माण कंपनी में कार्यरत कर्मचारी फारूख अहमद भट्ट को एक जेसीबी मशीन पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज से हाथ पोंछते हुए देखा गया था। इस कृत्य को देश की गरिमा और राष्ट्रीय प्रतीक का गंभीर अपमान माना गया, जिसके बाद सैन्य अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया।

सेना के अधिकारी ने दर्ज कराई थी शिकायत

घटना के तुरंत बाद लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य ने थाना जोशीमठ (अब ज्योतिर्मठ) में आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फारूख अहमद भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्यों को जुटाने के बाद 19 अप्रैल 2025 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।

कानूनी पैरवी और कोर्ट का फैसला

अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी दिलबर सिंह फरस्वाण ने प्रभावी पैरवी की। पेश किए गए गवाहों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी ने जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अनादर किया है। फारूख को राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत दोषी पाया गया।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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