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Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के इन जिलों में आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा, यात्रा से पहले पढ़ें अपडेट।

उत्तराखंड में 13 और 14 मई को बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, जिसका असर विशेषकर चारधाम यात्रा रूट पर पड़ेगा। वहीं, रुद्रप्रयाग के बसुकेदार में पिछले साल आई आपदा के पीड़ित आज भी मुआवजे और पुनर्वास के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड के इन जिलों में आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा, यात्रा से पहले पढ़ें अपडेट।

HIGHLIGHTS

  • 13-14 मई को उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग सहित 5 जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं।
  • 15 मई से मैदानी इलाकों में तापमान 4 डिग्री तक बढ़ेगा, जिससे गर्मी का प्रकोप तेज होगा।
  • बसुकेदार आपदा के 16 भवन स्वामी और 22 दुकानदार एक साल बाद भी मुआवजे की राह देख रहे हैं।

देहरादून, 13 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 13 और 14 मई को प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से चारधाम यात्रियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को अगले दो दिन अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

पांच जिलों में ओलावृष्टि और हिमपात की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। इन जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि के साथ तीव्र बारिश हो सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में हल्के भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाओं के कारण सड़कें बाधित होने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं।

15 मई से बदलेगा मिजाज, बढ़ेगा पारा

पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला 14 मई के बाद कम होने लगेगा, जबकि मैदानी इलाकों में 15 मई से मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 16 मई से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलेगी और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इससे मैदानी जिलों में गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा, हालांकि 17 मई तक उत्तरकाशी और चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।

बसुकेदार आपदा: वादों के घेरे में घिरे पीड़ित

एक तरफ जहां नया मानसून दस्तक देने को है, वहीं रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार (छेनागाड़) क्षेत्र के आपदा प्रभावित आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पिछले वर्ष 29 अगस्त को आई भीषण आपदा में नौ लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा तो दे दिया गया, लेकिन अपनी जीवन भर की कमाई खो चुके व्यापारियों और भवन स्वामियों के हिस्से अब तक सिर्फ आश्वासन आए हैं।

मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आपदा के समय प्रभावितों को 2013 की केदारनाथ त्रासदी की तर्ज पर विशेष राहत पैकेज का भरोसा दिया था। वर्तमान स्थिति यह है कि 16 भवन स्वामी और 22 दुकानदार अपनी फाइलें लेकर एक विभाग से दूसरे विभाग भटक रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि सरकारी दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मानसून के फिर से करीब आने पर इन परिवारों में डर और हताशा साफ देखी जा सकती है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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