Vastu Tips : घर की सुख-शांति और आर्थिक मजबूती के लिए लोग अक्सर घर या ऑफिस में कछुए की मूर्ति रखते हैं। पौराणिक मान्यताओं में कछुए को भगवान विष्णु के ‘कूर्म अवतार’ और देवी लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कछुए की मूर्ति को यदि सही दिशा और सही धातु के अनुसार रखा जाए, तो यह घर के वातावरण में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
आइए जानते हैं कछुआ स्थापित करने के नियम और जरूरी सावधानियां।
कछुआ घर लाने और स्थापित करने का सही समय
- वास्तु के जानकारों के मुताबिक कछुआ लाने के लिए पूर्णिमा तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है।
- घर लाने के बाद कछुए को थोड़ी देर कच्चे दूध में रखें।
- इसके बाद इसे गंगाजल या साफ पानी से धो लें।
- दिन के शुभ समय (विशेषकर अभिजीत मुहूर्त) में इसे स्थापित करें।
- स्थापना के समय मन को शांत रखकर ‘ॐ श्रीं कूर्माय नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करना शुभ फलदायी माना जाता है।
किस दिशा में रखें और मुंह किस तरफ हो?
कछुआ जलीय जीव माना जाता है, इसलिए इसे हमेशा एक छोटे कटोरे में साफ पानी भरकर उसमें स्थापित करना चाहिए।
सर्वोत्तम दिशा: कछुए के कटोरे को घर की उत्तर दिशा या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखें। उत्तर दिशा को धन और समृद्धि की दिशा माना जाता है।
मुख की दिशा: कछुए का मुख घर के अंदर की तरफ या मुख्य द्वार से आते हुए भीतर की ओर होना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर आए।
कमरे का चयन: इसे लिविंग रूम या ड्राइंग रूम में रखना सबसे सही रहता है। कछुए को कभी भी बेडरूम या रसोई घर में नहीं रखना चाहिए।

अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें सही धातु
वास्तु के अनुसार अलग-अलग धातुओं से बने कछुओं का प्रभाव भी अलग होता है:
पीतल (Brass): नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए पीतल का कछुआ रखना बेहतर माना जाता है। यह काम में स्थिरता लाता है।
चांदी (Silver): मन की शांति, परिवार में कलह दूर करने और आर्थिक संतुलन के लिए चांदी का कछुआ रखना उपयोगी होता है।
तांबा (Copper): विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ाने और स्वास्थ्य में सुधार के लिए तांबे का कछुआ लाभकारी माना जाता है।
क्रिस्टल (Crystal): घर से वास्तु दोष कम करने और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए क्रिस्टल का कछुआ रखना अच्छा विकल्प है।
परिवार वाला कछुआ: पारिवारिक सामंजस्य के लिए एक-दूसरे के ऊपर बैठे तीन कछुओं की मूर्ति शुभ मानी जाती है।
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
जिस बर्तन में कछुआ रखा गया है, उसका पानी नियमित रूप से या हर दो दिन में जरूर बदलें। पानी को गंदा न होने दें।

कछुए को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें, हमेशा किसी साफ मेज या स्टैंड पर रखें।
कछुए के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।














