Sawan Somwar Haldi Upay : सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की भक्ति और उनके आशीर्वाद का सबसे उत्तम समय माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को पूरे नियम और श्रद्धा के साथ पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अक्सर देखा जाता है कि कई युवाओं की उम्र बढ़ती जाती है या बातचीत बनने के बाद भी रिश्ता पक्का नहीं हो पाता।
अगर आप या आपके बच्चे के विवाह में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, तो ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से सावन का सोमवार इसके लिए बहुत शुभ अवसर है।
इस दिन हल्दी की गांठों का एक बेहद सरल उपाय करके विवाह से जुड़े दोषों को शांत किया जा सकता है।
क्यों खास है सावन में हल्दी का यह उपाय?
सनातन परंपरा में हल्दी को शुभ कार्य और विवाह का मुख्य प्रतीक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में हल्दी का संबंध बृहस्पति (गुरु) ग्रह से है। कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होने पर ही विवाह के योग बनते हैं।
जब हल्दी की गांठों को श्रीफल (नारियल) और पीले फूल के साथ भगवान शिव को अर्पित किया जाता है, तो इससे कुंडली के विवाह संबंधी दोष दूर होते हैं और अनुकूल परिस्थितियां बनने लगती हैं।
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
इस उपाय को करने के लिए किसी बहुत जटिल सामग्री की जरूरत नहीं होती। आप घर में मौजूद और आसानी से मिलने वाली इन चीजों से पूजा कर सकते हैं:
- पांच साबुत हल्दी की गांठें: ध्यान रखें कि गांठें टूटी हुई न हों।
- एक श्रीफल (पानी वाला नारियल): यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का प्रतीक है।
- एक पीला पुष्प: बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए।
- दक्षिणा: अपनी श्रद्धानुसार कुछ सिक्के या रुपये।
उपाय करने की सही और आसान विधि
यह उपाय दो चरणों में पूरा होता है—पहले सुबह घर के मंदिर में और फिर शाम को शिव मंदिर में।
सुबह की पूजा: स्नान करके साफ कपडे़ पहनें। घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। सबसे पहले भगवान गणेश, कुलदेवी और अपने पितरों का ध्यान करें।
संकल्प और प्रार्थना: हाथ में श्रीफल, पांचों हल्दी की गांठें और पीला फूल रखें। भगवान शिव से मन ही मन विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने की प्रार्थना करें। इसके बाद इन चीजों को अपने घर के मंदिर में शिवजी या शिवलिंग के समक्ष रख दें।
माता-पिता भी कर सकते हैं: अगर बच्चा खुद यह पूजा नहीं कर पा रहा है, तो माता या पिता भी उसका नाम और गोत्र बोलकर यह प्रार्थना कर सकते हैं।
शाम को मंदिर में अर्पण: शाम के समय हाथ-पैर धोकर साफ होकर पास के किसी शिव मंदिर जाएं। घर के मंदिर में रखी सामग्री और दक्षिणा लेकर शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें।
इन बातों और नियमों का रखें विशेष ध्यान
उपाय का पूरा फल तभी मिलता है जब आप पूजा के दौरान कुछ जरूरी नियमों का पालन करें:
सात्विक आहार: सोमवार के दिन पूरी तरह सात्विक रहें। भोजन में लहसुन और प्याज का प्रयोग न करें।
उपवास और फलाहार: संभव हो तो इस दिन व्रत रखें। दिन के समय केवल दूध या फलों का सेवन करें।
सकारात्मक विचार: दिनभर मन में ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते रहें। किसी के लिए कड़वे शब्द या अपशब्द न बोलें।
निरंतरता: सावन के चारों या पांचों सोमवार को नियमित रूप से यह उपाय करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
भगवान शिव भाव के भूखे हैं। यदि आप पूरी निष्ठा और साफ मन से यह उपाय करेंगे, तो शादी के रास्ते में आ रही रुकावटें जल्द दूर होंगी।

















