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मिशन इम्पॉसिबल! ईरानी सेना के घेरे के बीच से ‘कर्नल’ का रेस्क्यू, ट्रंप बोले- आसमान में हमारा राज है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पहाड़ी इलाके में फंसे अपने दूसरे पायलट (कर्नल) को सुरक्षित निकालने का ऐलान किया है। भीषण गोलीबारी और ईरानी सेना के घेरे के बीच चले इस 'डेयरिंग' ऑपरेशन में दर्जनों लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया।

Published On: April 5, 2026 1:08 PM
मिशन इम्पॉसिबल! ईरानी सेना के घेरे के बीच से 'कर्नल' का रेस्क्यू, ट्रंप बोले- आसमान में हमारा राज है

HIGHLIGHTS

  • F-15E स्ट्राइक ईगल के दोनों क्रू मेंबर्स अब सुरक्षित, कर्नल को गंभीर चोटें आई हैं।
  • कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद की पहाड़ियों में 48 घंटे तक चला 'लुका-छिपी' का खेल।
  • रेस्क्यू मिशन के दौरान अमेरिकी विमानों पर ईरान की ओर से की गई भारी गोलीबारी।

वाशिंगटन, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ईरान के अभेद्य किलों और खतरनाक पहाड़ियों के बीच फंसे अपने जांबाज ‘कर्नल’ को बचाने के लिए अमेरिका ने आधी रात को वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद तेहरान को भी नहीं थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जीत का बिगुल फूंकते हुए ऐलान किया कि ईरान में गिराए गए F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दूसरे पायलट को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास का “सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन” करार दिया है।

शुक्रवार को जब ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया, तब से ही चालक दल का यह सदस्य लापता था। कर्नल रैंक का यह अधिकारी ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद के ऊबड़-खाबड़ और बर्फीले पहाड़ी इलाकों में दुश्मन की नजरों से बचकर छिपा हुआ था। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ‘रियल टाइम ट्रैकिंग’ के जरिए कर्नल की हर मूवमेंट पर 24 घंटे नजर रख रही थी, जबकि ईरानी सैनिक उन्हें ढूंढने के लिए चप्पा-चप्पा छान रहे थे।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल-जजीरा को चौंकाने वाली जानकारी दी कि रेस्क्यू के वक्त कर्नल ईरानी सेना के घेरे में काफी अंदर तक फंस चुके थे। हालात इतने बिगड़ गए थे कि राष्ट्रपति के सीधे निर्देश पर दर्जनों हथियारों से लैस लड़ाकू विमानों को ईरानी एयरस्पेस में झोंक दिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान आसमान में जबरदस्त तनाव था।

सूत्रों के मुताबिक, रेस्क्यू के लिए नीचे उतरे हेलीकॉप्टरों पर ईरान की ओर से लगातार फायरिंग की जा रही थी, लेकिन अमेरिकी एयर कवर ने दुश्मन को सिर उठाने का मौका नहीं दिया।

ईरान ने इस ‘दुश्मन पायलट’ को पकड़ने या मारने वाले के लिए भारी इनाम की घोषणा भी कर दी थी। स्थानीय कबायली गुटों को भी इस काम में लगाया गया था। खबर यह भी है कि इस मिशन के दौरान ईरान ने दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाने का दावा किया है, हालांकि पेंटागन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

दिलचस्प बात यह है कि मार्च के महीने में कुवैत ने गलती से अमेरिका के ही तीन F-15 विमानों को मार गिराया था, जिससे क्षेत्र में पहले ही ‘फ्रेंडली फायर’ का डर बना हुआ था।

ट्रंप ने अपने संबोधन में साफ लहजे में कहा कि कर्नल को चोटें आई हैं, लेकिन वे अब सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का सबूत है कि ईरान के आसमान में अमेरिका को कोई चुनौती नहीं दे सकता।

वहीं, तेहरान ने इस पूरी घटना पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। यह विमान फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरानी क्षेत्र में गिरने वाला पहला अमेरिकी लड़ाकू विमान था, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच युद्ध की चिंगारी और भड़क गई है।


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Ansh Goyal

अंश गोयल 'दून हॉराइज़न' में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ (International Desk) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैश्विक राजनीति, युद्ध के हालात, कूटनीति (Diplomacy) और ग्लोबल इकॉनमी पर उनकी गहरी पकड़ है। अंश का मुख्य फोकस अमेरिका, रूस, मध्य पूर्व और पड़ोसी देशों की हलचल का भारतीय दृष्टिकोण से सटीक विश्लेषण करना है। विदेशी मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे और वैश्विक नीतियों का आम आदमी पर पड़ने वाले प्रभाव को वे बेहद सरल हिंदी में समझाते हैं। उनकी डीप-रिसर्च वाली रिपोर्टिंग पाठकों को दुनिया भर की विश्वसनीय खबरें प्रदान करती है।

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