वाशिंगटन, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ईरान के अभेद्य किलों और खतरनाक पहाड़ियों के बीच फंसे अपने जांबाज ‘कर्नल’ को बचाने के लिए अमेरिका ने आधी रात को वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद तेहरान को भी नहीं थी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जीत का बिगुल फूंकते हुए ऐलान किया कि ईरान में गिराए गए F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दूसरे पायलट को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास का “सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन” करार दिया है।
शुक्रवार को जब ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया, तब से ही चालक दल का यह सदस्य लापता था। कर्नल रैंक का यह अधिकारी ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद के ऊबड़-खाबड़ और बर्फीले पहाड़ी इलाकों में दुश्मन की नजरों से बचकर छिपा हुआ था। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ‘रियल टाइम ट्रैकिंग’ के जरिए कर्नल की हर मूवमेंट पर 24 घंटे नजर रख रही थी, जबकि ईरानी सैनिक उन्हें ढूंढने के लिए चप्पा-चप्पा छान रहे थे।
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल-जजीरा को चौंकाने वाली जानकारी दी कि रेस्क्यू के वक्त कर्नल ईरानी सेना के घेरे में काफी अंदर तक फंस चुके थे। हालात इतने बिगड़ गए थे कि राष्ट्रपति के सीधे निर्देश पर दर्जनों हथियारों से लैस लड़ाकू विमानों को ईरानी एयरस्पेस में झोंक दिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान आसमान में जबरदस्त तनाव था।
सूत्रों के मुताबिक, रेस्क्यू के लिए नीचे उतरे हेलीकॉप्टरों पर ईरान की ओर से लगातार फायरिंग की जा रही थी, लेकिन अमेरिकी एयर कवर ने दुश्मन को सिर उठाने का मौका नहीं दिया।
ईरान ने इस ‘दुश्मन पायलट’ को पकड़ने या मारने वाले के लिए भारी इनाम की घोषणा भी कर दी थी। स्थानीय कबायली गुटों को भी इस काम में लगाया गया था। खबर यह भी है कि इस मिशन के दौरान ईरान ने दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाने का दावा किया है, हालांकि पेंटागन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
दिलचस्प बात यह है कि मार्च के महीने में कुवैत ने गलती से अमेरिका के ही तीन F-15 विमानों को मार गिराया था, जिससे क्षेत्र में पहले ही ‘फ्रेंडली फायर’ का डर बना हुआ था।
ट्रंप ने अपने संबोधन में साफ लहजे में कहा कि कर्नल को चोटें आई हैं, लेकिन वे अब सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का सबूत है कि ईरान के आसमान में अमेरिका को कोई चुनौती नहीं दे सकता।
वहीं, तेहरान ने इस पूरी घटना पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। यह विमान फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरानी क्षेत्र में गिरने वाला पहला अमेरिकी लड़ाकू विमान था, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच युद्ध की चिंगारी और भड़क गई है।











