देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का दोहरा मिजाज (Uttarakhand Weather Update) जनजीवन पर भारी पड़ रहा है। एक तरफ जहां केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में भारी बर्फबारी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है, वहीं राजधानी देहरादून सहित मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने मार्च के महीने में जनवरी जैसी ठिठुरन पैदा कर दी है। केदारनाथ में करीब 4 फीट और बदरीनाथ में 2 फीट तक बर्फ की मोटी परत जम चुकी है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते देहरादून में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 10.2°C गिरकर मात्र 17.4°C पर सिमट गया है।
यह गिरावट मार्च के महीने में असामान्य मानी जा रही है। चमोली के हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और रुद्रनाथ जैसे इलाकों में भी लगातार हिमपात जारी है, जिससे पूरी घाटी सफेद चादर में लिपट गई है।
अगले 24 से 48 घंटे राज्य के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
23 मार्च को एक बार फिर मौसम का कड़ा स्पेल देखने को मिलेगा, जिसमें उत्तरकाशी से लेकर नैनीताल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, 24 से 26 मार्च के बीच मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं, लेकिन 27 मार्च को फिर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को ऊंचे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।













