देहरादून। योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को दुनिया के लिए चेतावनी संकेत बताया है। Patanjali Yoga Peeth में आयोजित फूलों की होली कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine) के बीच जारी संघर्ष के बाद अब अमेरिका-इजरायल और ईरान (Iran) के बीच युद्ध ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
रामदेव ने चेतावनी दी कि यदि इस स्तर पर परमाणु बम का उपयोग जैसी कोई दुर्घटना होती है, तो इसके परिणाम भयावह होंगे और ऐसी तबाही की भरपाई करना असंभव होगा।
भारत की कूटनीति और नेताओं को नसीहत

रामदेव ने भारतीय नेताओं और विभिन्न संगठनों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को देश की विदेश नीति की सार्वजनिक आलोचना से बचना चाहिए।
रामदेव के अनुसार, व्यक्तिगत या वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश के हितों को सर्वोपरि रखते हुए ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे वैश्विक स्तर पर भारत को शर्मिंदगी झेलनी पड़े। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान के लिए दुनिया की प्रमुख हस्तियों को एकजुट होने का आह्वान किया।
आर्थिक प्रभाव और भारतीयों की सुरक्षा

ईरान और अन्य पश्चिम एशियाई देशों में फंसे भारतीयों का मुद्दा उठाते हुए रामदेव ने आर्थिक आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन देशों में रहने वाले भारतीय नागरिक सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर भारत भेजते हैं, जो देश की GDP और आर्थिक समृद्धि में बड़ा योगदान है।
सरकार इन नागरिकों की सुरक्षा, रोजगार और भविष्य को लेकर काम कर रही है। रामदेव ने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीतिक बयानबाजी से बचकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।








