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बद्रीनाथ-केदारनाथ जाने वाले ध्यान दें, अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 में दर्शनार्थियों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच गई है। इधर बद्रीनाथ तप्तकुंड में 2 श्रद्धालुओं की मौत और मौसम विभाग के भारी बारिश अलर्ट ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है।

Published On: September 11, 2026 8:05 PM
chardham yatra 2026 update

HIGHLIGHTS

  • चारधाम यात्रा में कुल तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंचा।
  • बद्रीनाथ धाम दर्शन करने में 17.17 लाख श्रद्धालुओं के साथ शीर्ष पर।
  • बद्रीनाथ स्थित तप्तकुंड में स्नान के दौरान राजस्थान की दो महिला तीर्थयात्रियों की मौत।
  • राज्य में 19 अप्रैल से अब तक स्वास्थ्य कारणों से 217 मौतें दर्ज।
  • मौसम विभाग ने चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) ने इस सीजन में 50 लाख श्रद्धालुओं की आमद का ऐतिहासिक मुकाम छू लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन और तीर्थयात्रा प्रशासन की ताजा सायं कालीन रिपोर्ट के मुताबिक चारों प्रमुख धामों में दर्शन करने वालों की कुल क्रमिक संख्या 50,01,713 दर्ज की गई।

बद्रीनाथ धाम श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना हुआ है, जहां अब तक 17,17,923 भक्त दर्शन कर चुके हैं। दूसरे नंबर पर केदारनाथ धाम है, जहां 14.90 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पहुंचे। गंगोत्री में 7.79 लाख, यमुनोत्री में 6.98 लाख और श्री हेमकुण्ड साहिब में 3.15 लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। कुमाऊं मंडल के तीर्थस्थलों में भी भक्तों का भारी तांता लगा हुआ है। अकेले नीम करौली महाराज के कैंची धाम में 29,51,990 और पूर्णागिरि धाम में 24.62 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा को बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अस्थायी रूप से रोका गया है।

तप्तकुंड में नहाते समय दो बुजुर्ग महिलाओं का निधन

बद्रीनाथ धाम से सुबह एक दुखद घटना सामने आई। ज्योर्तिमठ तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर की सुबह करीब 5:20 बजे धाम परिसर स्थित गर्म पानी के तप्तकुंड में स्नान करते समय दो बुजुर्ग महिला श्रद्धालु अचानक अचेत होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान राजस्थान निवासी प्रेमा देवी (63 वर्ष, पत्नी मदन) और रामू देवी (71 वर्ष, पत्नी अमर) के रूप में हुई है।

प्राथमिक जांच में अचानक अत्यधिक गर्म पानी और अधिक ऊंचाई वाले इलाके (High Altitude) में ऑक्सीजन की कमी के चलते दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई गई है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 अप्रैल से अब तक यात्रा मार्ग पर गंभीर बीमारियों और ठंड के कारण 217 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है।

मौसम विभाग का येलो-ऑरेंज अलर्ट, 14 सितंबर तक सतर्कता

मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Dehra Dun) ने अगले तीन-चार दिनों के लिए पर्वतीय इलाकों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 11 और 12 सितंबर को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जनपदों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान संवेदनशील हाईवे, खासकर ऋषिकेश-बद्रीनाथ (NH-58) और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर मलबा गिरने का जोखिम बना रहता है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील स्लाइडिंग जोन पर मशीनरी के साथ चौबीस घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का सटीक अपडेट लेकर ही आगे का सफर तय करें।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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