देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग एक्सक्लूसिव फैक्ट चेक

देहरादून में MDDA की बड़ी कार्रवाई, 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग की सील

देहरादून के हरबर्टपुर क्षेत्र में MDDA ने 40-50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर सीलिंग की कार्रवाई की है। बिना ले-आउट पास कराई जा रही इस प्लॉटिंग पर प्रशासन ने वाद दर्ज कर रोक लगाई।

Published On: September 11, 2026 5:57 PM
MDDA action Dehradun

HIGHLIGHTS

  • पछवा दून के धर्मावाला (बद्रीपुर) में 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पूरी तरह सील।
  • बिना तलपट मानचित्र (ले-आउट प्लान) पास कराए जमीन की बाउंड्रीवाल और चिन्हीकरण जारी था।
  • एमडीडीए ने समीर कुरैशी के खिलाफ विहित प्राधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया।
  • उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम की धारा 27-28 के तहत सीलिंग।
  • गाढ़ी कमाई फंसने से बचाने के लिए खरीदार केवल स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही लें।

दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): पछवा दून के हरबर्टपुर इलाके में सस्ते प्लॉटों का झांसा देकर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने बड़ा एक्शन लिया है। धर्मावाला स्थित ग्राम बद्रीपुर में करीब 40 से 50 बीघा कृषि भूमि पर बिना ले-आउट पास कराए धड़ल्ले से प्लॉट काटे जा रहे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाते हुए पूरे स्थल को सील कर दिया।

50 बीघा पर बिछाया जा रहा था अवैध जाल

प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते को सूचना मिली थी कि बद्रीपुर क्षेत्र में समीर कुरैशी और संबंधित भू-स्वामी द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन की घेराबंदी की जा रही है। जांच में खुलासा हुआ कि विकासकर्ता ने न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के मानकों का पालन किया और न ही एमडीडीए से कोई तलपट मानचित्र (Layout Map) स्वीकृत कराया।

बगैर किसी वैधानिक स्वीकृति के खेतों में रास्ते डालकर 40 से 50 बीघा इलाके में प्लॉटों की बाउंड्रीवाल खड़ी की जा रही थी। एमडीडीए की क्षेत्रीय टीम ने पैमाइश कर तत्काल चालान काटा और विहित प्राधिकारी न्यायालय में विधिवत वाद दर्ज कराया। नोटिस और सुनवाई की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होते ही टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध स्थल पर सील ठोक दी।

अनियोजित बसावट पर जीरो टॉलरेंस नीति

अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे इस अभियान पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ किया कि देहरादून और उसके उपनगरीय इलाकों में अनियोजित विकास किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी है कि बिना नक्शा और बिना स्वीकृति के एक ईंट भी रखने वालों पर सीधी एफआईआर और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि पछवा दून, सहसपुर और हरबर्टपुर बेल्ट में पिछले कुछ समय से कृषि भूमि पर अनधिकृत कॉलोनियां बसाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। बद्रीपुर में की गई यह सीलिंग उन सभी कॉलोनाइजरों के लिए सीधा संदेश है जो मास्टर प्लान की अनदेखी कर खेती की जमीन पर अवैध कंक्रीट का जाल बिछा रहे हैं।

जमीन खरीदारों के लिए सीधी एडवाइजरी

  • एमडीडीए ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि केवल सस्ते रेट या ब्रोकर के दावों में आकर जीवन भर की जमा-पूंजी दांव पर न लगाएं।
  • ले-आउट जांचें: जिस भी कॉलोनी में जमीन देख रहे हैं, उसका एमडीडीए स्वीकृत तलपट नक्शा अपनी आंखों से देखें।
  • लैंड यूज का सत्यापन: कृषि भूमि या हरित पट्टी (Green Belt) वाली जमीनों पर आवासीय प्लॉटिंग गैर-कानूनी है, इसका तहसील व विकास प्राधिकरण से सत्यापन जरूर कराएं।
  • रजिस्ट्री ही सब कुछ नहीं: केवल बैनामा या दाखिल-खारिज होना निर्माण की वैधानिक गारंटी नहीं है; नक्शा पास होना अनिवार्य शर्त है।
  • शिकायत कहां करें: यदि कोई कॉलोनाइजर बिना स्वीकृति प्लॉट बेचता मिले, तो एमडीडीए कंट्रोल रूम या ऑनलाइन पोर्टल पर सीधे शिकायत दर्ज कराएं।

अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वालों को भविष्य में पानी, बिजली कनेक्शन और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से तो हाथ धोना ही पड़ता है, साथ ही जब प्राधिकरण का बुलडोजर चलता है तो कानूनी उलझनों में भी केवल खरीदार ही पिसता है।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment