Diabetes Skin Symptoms : नहाते समय अक्सर लोग गर्दन पर दिखने वाले कालेपन को मैल या गंदगी समझ लेते हैं। इसे साफ करने के लिए साबुन से लेकर तरह-तरह के स्क्रब का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कई बार जोर से रगड़ने के बाद भी यह काली परत साफ नहीं होती।
मेडिकल भाषा में इसे ‘एकेंथोसिस निगरिकन्स’ (Acanthosis Nigricans) कहा जाता है। यह त्वचा की कोई बाहरी गंदगी नहीं है, बल्कि आपके शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का सीधा संकेत है।
अगर आपकी गर्दन, अंडरआर्म्स या शरीर के अन्य मोड़ों की त्वचा अचानक मोटी और काली होने लगी है, तो इसे गंभीरता से लेने का समय आ गया है।

क्यों काली और मोटी हो जाती है त्वचा?
गर्दन का रंग गहरा होना आमतौर पर इंसुलिन रेजिस्टेंस का शुरुआती लक्षण होता है। जब शरीर में इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता, तो त्वचा की कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं और वहां की स्किन मोटी होने लगती है।
डॉक्टर इसे प्री-डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज का एक बड़ा अलर्ट मानते हैं। इसलिए अगर गर्दन पर काले घेरे बन रहे हैं, तो यह चेतावनी है कि आपका ब्लड शुगर लेवल बिगड़ रहा है और आपको अलर्ट होने की जरूरत है। मोटापा भी इस समस्या को तेजी से बढ़ाता है।

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन का संकेत
महिलाओं में गर्दन का काला पड़ना पीसीओएस (PCOS) या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का एक बेहद आम लक्षण है। अ
गर किसी महिला का वजन तेजी से बढ़ रहा है, चेहरे पर अनचाहे बाल आ रहे हैं, मुंहासे हो रहे हैं और पीरियड्स अनियमित हैं, तो गर्दन का कालापन यह बताता है कि शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ चुका है। थायरॉयड की समस्या होने पर भी त्वचा के रंग में ऐसे बदलाव देखे जा सकते हैं।
विटामिन्स की कमी भी है एक कारण
सिर्फ डायबिटीज या हार्मोन्स ही नहीं, शरीर में कुछ खास विटामिन्स की कमी भी आपकी त्वचा का रंग बदल सकती है। विटामिन B12 और विटामिन D की कमी होने पर भी गर्दन के आसपास की त्वचा डार्क हो सकती है।
कई बार शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली हल्की अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) भी इस स्थिति को ट्रिगर करती है।
क्या करें और कौन से टेस्ट हैं जरूरी?
अगर आपकी गर्दन पर ऐसी काली लाइन या परत नजर आ रही है, तो सबसे पहले इसे खुरचना या ब्लीच करना बंद करें। खुद से किसी भी मेडिकेटेड क्रीम का इस्तेमाल न करें।
सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से मिलें। वे आपको फास्टिंग ब्लड शुगर, HbA1c, थायरॉयड फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, इंसुलिन लेवल और विटामिन जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं।
इलाज का सही तरीका क्या है?
इस समस्या को सिर्फ ऊपर से रगड़कर ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करने होंगे।
रोजाना व्यायाम करें, वजन कंट्रोल में रखें और अपनी डाइट से चीनी व जंक फूड को कम करें। जैसे-जैसे शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य होगा और हार्मोन्स बैलेंस होंगे, त्वचा का यह कालापन धीरे-धीरे खुद ही कम होने लगेगा।









