home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

उत्तराखंड में घर बनाना हुआ महंगा, धामी सरकार ने बढ़ाई खनन रॉयल्टी की दरें

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में खनन रॉयल्टी की नई दरें लागू कर दी हैं, जिससे निर्माण सामग्री महंगी होने की संभावना है। संशोधित नियमावली के तहत रॉयल्टी और अतिरिक्त शुल्क में वृद्धि की गई है, जिससे सरकार को सालाना 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है।

उत्तराखंड में घर बनाना हुआ महंगा, धामी सरकार ने बढ़ाई खनन रॉयल्टी की दरें

HIGHLIGHTS

  • 25 सेमी से कम आकार की खनन सामग्री पर रॉयल्टी ₹88.50 से बढ़ाकर ₹100 प्रति टन की गई।
  • हरिद्वार समेत अन्य नदी क्षेत्रों में रॉयल्टी ₹1 प्रति कुंतल बढ़ाकर ₹8 प्रति कुंतल की गई।
  • व्यावसायिक ट्रैक्टर-लोडर (80 HP तक) को खनन कार्य में सशर्त अनुमति मिली।

देहरादून, 11 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में अब घर, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण महंगा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य में खनन रॉयल्टी (Mining Royalty) की नई दरों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।

कैबिनेट की पिछली बैठक में लिए गए निर्णय पर राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सचिव बृजेश कुमार संत ने संशोधित उपखनिज नियमावली का आदेश जारी कर दिया है। सरकार का अनुमान है कि दरों में इस संशोधन से राज्य के खनन राजस्व में लगभग 50 करोड़ रुपये की वार्षिक वृद्धि होगी।

नए आदेश के अनुसार, नदी तल से अलग खनन पट्टों से प्राप्त होने वाले बोल्डर, बजरी, खंडास, मिट्टी, मोरम और बालू पर रॉयल्टी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से 25 सेंटीमीटर से छोटे आकार की खनन सामग्री पर अब 88.50 रुपये प्रति टन के बजाय 100 रुपये प्रति टन की रॉयल्टी चुकानी होगी। इसके साथ ही, इस श्रेणी पर 50 रुपये प्रति टन की अतिरिक्त रॉयल्टी का भार भी डाला गया है, जिससे निर्माण सामग्री की कीमतों में सीधा उछाल देखने को मिल सकता है।

हरिद्वार और अन्य मैदानी जिलों में नदी तल स्थित राजस्व एवं वन भूमि के पट्टों पर भी दरों में बदलाव किया गया है। यहां बालू, बजरी और बोल्डर की रॉयल्टी में एक रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर इसे 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। हालांकि, सरकार ने राहत देते हुए गौला, कोसी और दाबका नदी क्षेत्रों की रॉयल्टी दरों में फिलहाल कोई छेड़छाड़ नहीं की है।

निजी भूमि पर होने वाले खनन कार्यों के लिए भी सरकार ने एक समान नीति अपनाई है। अब मैदानी और पर्वतीय, दोनों क्षेत्रों के लिए समान रॉयल्टी दर 8 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित की गई है। हालांकि, अतिरिक्त शुल्क की पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी, जिसमें मैदान के लिए 7 रुपये और पहाड़ों के लिए 3 रुपये प्रति कुंतल का प्रावधान है। कार्यदायी संस्थाओं के लिए भी रॉयल्टी में एक रुपये प्रति कुंतल का इजाफा किया गया है।

नियमों को सख्त बनाते हुए सरकार ने खनन क्षेत्रों में पोकलैंड, जेसीबी और सेक्शन मशीनों जैसी भारी मशीनरी के उपयोग पर प्रतिबंध बरकरार रखा है। इन मशीनों का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में, जैसे पहुंच मार्ग बनाने या फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए ही किया जा सकेगा। इसके लिए भी खान अधिकारी की संस्तुति पर संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

परिवहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए सरकार ने 80 हॉर्स पावर तक के उन ट्रैक्टर-लोडर को खनन कार्य में इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, जो व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकृत हैं। हालांकि, ये वाहन केवल जल प्रवाह क्षेत्र से बाहर ही संचालित किए जा सकेंगे।

खनन रॉयल्टी की नई दरों का विवरण

खनन सामग्री / श्रेणी पुरानी दर (प्रति टन/कुंतल) नई दर (प्रति टन/कुंतल) अतिरिक्त शुल्क
25 सेमी से छोटे उपखनिज (टन) ₹88.50 ₹100 ₹50 (अतिरिक्त)
नदी तल (राजस्व/वन भूमि) (कुंतल) ₹7 ₹8
निजी भूमि (मैदान/पहाड़) (कुंतल) ₹8 मैदान ₹7, पहाड़ ₹3
कार्यदायी संस्थाएं (कुंतल) +₹1 की वृद्धि

देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment