ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

देहरादून DM Savin Bansal का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 05 Mar 2026 06:58 PM IST

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल (Savin Bansal) ने रुड़की स्थित माडी चौक पर आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्य राशन गोदाम पर बड़ी छापेमारी की। इस दौरान भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें खराब गुणवत्ता का राशन, एक्सपायरी डेट में हेरफेर और गोदाम में बाल श्रमिकों की मौजूदगी शामिल है। जिलाधिकारी ने मौके पर ही गोदाम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और खाद्य सामग्री के सैंपल लेने के निर्देश दिए। यह गोदाम पूरे गढ़वाल और कुमाऊं संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करता है।

देहरादून DM Savin Bansal का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा

मुख्य बातें

  • गोदाम में बाल श्रमिक काम करते पाए गए, जिसके बाद मालिक के विरुद्ध FIR के निर्देश दिए गए।
  • दिसंबर और जनवरी के अंडे और अन्य सामग्री मार्च माह में वितरित की जा रही थी।
  • खजूर और केले के चिप्स जैसे पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट संदिग्ध पाई गई।

रुड़की। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल (DM Savin Bansal) ने गुरुवार को रुड़की के माडी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर औचक छापेमारी की। यह गोदाम उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्ति का मुख्य केंद्र है। पिछले काफी समय से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और धात्री महिलाओं को दी जाने वाली सामग्री की खराब गुणवत्ता की शिकायतें मिल रही थीं।

इस कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी (Hari Giri), जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar) और तहसीलदार सुरेंद्र देव (Surendra Dev) समेत प्रशासनिक टीम मौजूद रही।

बाल श्रम और एक्सपायरी डेट में धांधली

निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक काम करते हुए मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए गोदाम स्वामी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि कई खाद्य सामग्री के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का उल्लेख नहीं था। कई पैकेटों पर मूल तिथि के स्थान पर स्टैंप लगाकर नई तिथियां डाली गई थीं। खजूर और केले के चिप्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं।

महीनों पुराने अंडों की हो रही थी सप्लाई

जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया कि दिसंबर और जनवरी माह के अंडे और अन्य खाद्य वस्तुएं मार्च माह में वितरित की जा रही थीं। गोदाम में तापमान नियंत्रण (Temperature Control) की कोई सुविधा नहीं पाई गई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने मौके पर रजिस्टर अपडेट न होने और गुणवत्ता सर्टिफिकेट की अनुपलब्धता पर भी फटकार लगाई।

सप्लाई के लिए तैयार वाहनों को रुकवाकर सैंपलिंग

छापेमारी के समय टिहरी (Tehri), उत्तरकाशी (Uttarkashi) और डोईवाला (Doiwala) के लिए राशन लेकर निकलने वाले वाहनों को रुकवाया गया। जिलाधिकारी ने इन वाहनों में लदी सामग्री के सैंपल लेने के आदेश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, सप्लाई चेन की सघन निगरानी की जाए। प्रशासन अब राशन आपूर्तिकर्ता के लाइसेंस और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा कर रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment