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Dehradun News : डालनवाला में सन्नाटे ने दी मौत की दस्तक, घर में मिला वायुसेना के पूर्व अधिकारी के बेटे का शव

देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में 60 वर्षीय धनंजय सिंह राणा का शव उनके घर में मिला है, जो मां की मृत्यु के बाद से अकेले रह रहे थे। पुलिस को उनके मोबाइल या जान-पहचान में कोई ऐसा रिश्तेदार नहीं मिला जो उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठा सके।

Dehradun News : डालनवाला में सन्नाटे ने दी मौत की दस्तक, घर में मिला वायुसेना के पूर्व अधिकारी के बेटे का शव

HIGHLIGHTS

  • अकेलापन बना काल: मां की मृत्यु के दो महीने बाद धनंजय ने भी अकेलेपन के बीच दम तोड़ा।
  • रिश्तों की शून्यता: मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट खंगालने के बाद भी पुलिस को कोई सगा संबंधी नहीं मिला।
  • पड़ोसियों का साथ: मां के बाद अब बेटे का अंतिम संस्कार भी पड़ोसियों द्वारा किए जाने की संभावना।

देहरादून, 13 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी के पॉश इलाके डालनवाला स्थित गुरुद्वारा रोड पर रिश्तों की संवेदनहीनता और अकेलेपन का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहां एक 60 वर्षीय व्यक्ति, धनंजय सिंह राणा का शव उनके घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब दो महीने पहले अपनी मां के निधन के बाद से धनंजय गहरे अकेलेपन और अवसाद में थे। फिलहाल, पुलिस ने शव को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां वह किसी ‘अपने’ के आने का इंतजार कर रहा है।

पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना

डालनवाला के गुरुद्वारा रोड पर धनंजय सिंह राणा अकेले रहते थे। उनके पिता हरनाथ सिंह राणा भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त थे। पिता के निधन के बाद धनंजय अपनी मां के साथ रहते थे और मां की पेंशन ही उनके गुजर-बसर का मुख्य जरिया थी। सोमवार को जब देर तक उनके घर में कोई हलचल नहीं हुई और वे भोजन के लिए बाहर नहीं आए, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। घर के भीतर जाकर देखने पर पता चला कि धनंजय की मृत्यु हो चुकी है।

कॉन्टैक्ट लिस्ट में नहीं मिला कोई करीबी

घटना की सूचना मिलते ही करनपुर चौकी प्रभारी एसआई विक्की टम्टा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए उनका मोबाइल फोन खंगाला, तो पूरी टीम हैरान रह गई। फोन की लंबी कॉन्टैक्ट लिस्ट में एक भी ऐसा नंबर नहीं मिला जिसे उनका सगा या करीबी कहा जा सके। पड़ोसियों के अनुसार, जब दो महीने पहले धनंजय की मां का निधन हुआ था, तब भी कोई रिश्तेदार कंधा देने नहीं पहुंचा था और पड़ोसियों ने ही अंतिम संस्कार की रस्में निभाई थीं।

समाज की बदलती तस्वीर और ‘वफादार’ गवाह

धनंजय की इस एकाकी दुनिया में उनका एकमात्र साथी उनका पालतू कुत्ता था। पड़ोसियों का कहना है कि मां की मौत के बाद धनंजय पूरी तरह टूट चुके थे और केवल अपने पालतू जानवर के साथ ही समय बिताते थे। मालिक की मौत के बाद से बेजुबान जानवर भी सुध-बुध खोए बैठा है, जिसे फिलहाल एक पड़ोसी ने अपने संरक्षण में लिया है।

पुलिस की कार्यवाही और अगला कदम

करनपुर पुलिस के अनुसार, नियमानुसार शव को 72 घंटे (तीन दिन) के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस इस दौरान उनके किसी संभावित रिश्तेदार का पता लगाने का प्रयास कर रही है। चौकी प्रभारी विक्की टम्टा ने बताया कि यदि निर्धारित समय के भीतर कोई वारिस सामने नहीं आता है, तो पुलिस पंचनामा भरकर शव को पड़ोसियों के सुपुर्द करेगी, जिन्होंने मानवता के नाते अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई है।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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