गोरखपुर, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित जनता दर्शन में साफ कर दिया कि प्रदेश में किसी भी बेटी की पढ़ाई और किसी गरीब का इलाज पैसों के अभाव में नहीं रुकेगा। कुर्सियों पर बैठे करीब 200 फरियादियों के बीच खुद चलकर पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सबकी पीड़ा सुनी और उनके प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध निस्तारण की समयसीमा तय कर दी।
पैसे नहीं थे तो रुकी पढ़ाई, योगी ने वहीं करा दिया इंतजाम
जनता दर्शन के दौरान उस वक्त भावुक कर देने वाला पल आया जब एक छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाई। छात्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण वह अपनी स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रही है और उसकी शिक्षा अधूरी रहने की कगार पर है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि अविलंब बिटिया की फीस का प्रबंध किया जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेटियों की सुरक्षा और उनका सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि एक शिक्षित बेटी ही समाज की धुरी होती है।

इलाज के लिए अस्पताल से लाएं इस्टीमेट, सरकार देगी पैसा
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए भी मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई। कैंसर पीड़ित परिजन के इलाज की गुहार लेकर आई एक महिला को ढांढस बंधाते हुए सीएम ने कहा कि वह किसी भी उच्चीकृत सरकारी अस्पताल से इलाज का इस्टीमेट (खर्च का विवरण) मंगवा लें। उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की फाइलें कतई न रोकी जाएं। इस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी होते ही शासन स्तर से धनराशि सीधे अस्पताल को भेज दी जाएगी।
अफसरों को चेतावनी
सिद्धार्थनगर से अपनी फरियाद लेकर पहुंची एक बुजुर्ग महिला को भी योगी आदित्यनाथ ने निराश नहीं किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला को पेंशन और अन्य पात्र कल्याणकारी योजनाओं से तत्काल जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को दो-टूक लहजे में कहा कि जनता दर्शन में आए हर पीड़ित के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए।
यदि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित है, तो यह सिस्टम की विफलता मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही सुशासन का असली पैमाना है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










