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बेंगलुरु में गहराया रसोई गैस का संकट, 50 हजार की डिमांड पर मिल रहे सिर्फ 1000 सिलेंडर

बेंगलुरु में कमर्शियल LPG की भारी किल्लत के चलते हजारों होटल, रेस्तरां और पीजी (PG) बंद होने की कगार पर हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर 50,000 दैनिक सिलेंडर की मांग के मुकाबले केवल 1,000 की आपूर्ति पर चिंता जताई है।

Published On: March 20, 2026 6:48 PM
बेंगलुरु में गहराया रसोई गैस का संकट, 50 हजार की डिमांड पर मिल रहे सिर्फ 1000 सिलेंडर

HIGHLIGHTS

  • मांग और आपूर्ति में 98% का बड़ा अंतर, बेंगलुरु में रोजाना 49,000 सिलेंडर की कमी।
  • पश्चिम एशिया (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में तनाव के कारण भारत के 3.2 लाख टन LPG शिपमेंट बीच समुद्र में फंसे।
  • पीजी मालिकों ने दी चेतावनी, खाना खिलाना मुश्किल हुआ तो किरायेदारों को घर भेजना पड़ेगा।

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु इस समय ईंधन के अभूतपूर्व संकट से जूझ रही है। शहर में कमर्शियल एलपीजी (LPG) की भारी कमी के कारण हजारों होटलों और पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के किचन ठप होने लगे हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में होटल, रेस्तरां और कैटरिंग सेवाओं के लिए रोजाना लगभग 50,000 कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। इसके विपरीत, तेल कंपनियां वर्तमान में प्रतिदिन केवल 1,000 सिलेंडर ही उपलब्ध करा पा रही हैं। यह भारी अंतर शहर की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में उपजे गतिरोध ने इस संकट को और गहरा दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आने वाले लगभग 3.2 लाख टन एलपीजी शिपमेंट वर्तमान में समुद्र में फंसे हुए हैं। हालांकि, भारतीय ध्वज वाले जहाज ‘एमटी शिवालिक’ और ‘एमटी नंदा देवी’ 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात पहुंच चुके हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर वितरण की समस्या अब भी बरकरार है।

बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड और मराठाहल्ली जैसे आईटी कॉरिडोर में स्थिति और भी गंभीर है। पीजी (PG) मालिकों के संगठनों ने किरायेदारों को नोटिस जारी कर दोपहर का भोजन (Lunch) बंद करने की सूचना दी है। कई आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने पर विचार शुरू कर दिया है क्योंकि पीजी में खाना मिलना मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे चलने वाले छोटे भोजनालयों ने अपने मेनू से डोसा और वड़ा जैसे आइटम हटा दिए हैं, क्योंकि इनमें गैस की खपत अधिक होती है।

ऑटो-रिक्शा चालक भी इस संकट की चपेट में हैं। शहर में ऑटो एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से हजारों चालकों की आजीविका प्रभावित हुई है। बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो शहर के 40,000 से अधिक होटल पूरी तरह बंद हो जाएंगे। राज्य सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त छापेमारी के आदेश जारी किए हैं।

श्रेणी दैनिक मांग (सिलेंडर) वर्तमान आपूर्ति (सिलेंडर)
कमर्शियल LPG (बेंगलुरु) 50,000 1,000
ऑटो LPG (बेंगलुरु) 12,000 2,500

Rohit Arora

रोहित अरोड़ा 'दून हॉराइज़न' की नेशनल टीम के एक अहम और अनुभवी सदस्य हैं। देश के विभिन्न राज्यों की राजनीतिक हलचल, सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पैनी नज़र रहती है। रोहित का फोकस हमेशा उन जमीनी खबरों पर होता है जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। वे अपनी रिपोर्टिंग में तटस्थता (Objectivity) और प्रामाणिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। भ्रामक सूचनाओं के इस दौर में, रोहित की तथ्यपरक और संतुलित लेखनी पाठकों के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु का काम करती है।

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