home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

“मरीजों को बाहर रेफर किया तो खैर नहीं…” ऋषिकेश अस्पताल में मंत्री सुबोध उनियाल का बड़ा एक्शन

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अनावश्यक रेफरल और गंदगी पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Published On: मार्च 31, 2026 11:02 अपराह्न
"मरीजों को बाहर रेफर किया तो खैर नहीं..." ऋषिकेश अस्पताल में मंत्री सुबोध उनियाल का बड़ा एक्शन

HIGHLIGHTS

  • स्वास्थ्य मंत्री ने शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में मरीजों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया।
  • अस्पताल में पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद मरीजों को रेफर करने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरेगी।
  • परिसर में स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन करने और स्वास्थ्य सेवाओं को संवेदनशील बनाने के निर्देश।

ऋषिकेश, 31 मार्च 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मंगलवार को ऋषिकेश स्थित शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में अचानक पहुंचकर हड़कंप मचा दिया। मंत्री ने बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल के विभिन्न वार्डों का रुख किया और वहां भर्ती मरीजों से उनके उपचार और मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से बातचीत की।

ये भी पढ़ें: Dehradun Firing Case : रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत पर भड़के CM धामी, 2 अफसर सस्पेंड

निरीक्षण के दौरान सुबोध उनियाल ने अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाओं और दवाओं की उपलब्धता का गहनता से परीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पूछा कि क्या उन्हें बाहर से दवाएं तो नहीं लिखनी पड़ रही हैं। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को दो टूक कहा कि परिसर में स्वच्छता व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा, क्योंकि मरीजों को स्वस्थ होने के लिए स्वच्छ वातावरण मिलना अनिवार्य है।

स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे सख्त रुख मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर दिखाया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पताल में सभी आवश्यक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी मरीज को बेवजह हायर सेंटर रेफर किया जाता है, तो इसे घोर लापरवाही और ड्यूटी से जी चुराना माना जाएगा।

उनियाल ने स्पष्ट किया कि रेफरल के ऐसे मामलों की अब गहन समीक्षा होगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध कराना है।

ये भी पढ़ें: आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया केनरा बैंक, सीएम धामी को सौंपा चेक

राज्य सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का काम निरंतर जारी है। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को निर्देश दिया कि वे मरीजों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जरूरतमंद को इलाज के अभाव में भटकना न पड़े।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment