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Nag Panchami Shiv Puja : सावन और नाग पंचमी पर शिवलिंग का गुड़ के जल से अभिषेक क्यों माना जाता है खास

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Mon, 17 Aug 2026 09:04 AM IST

शिवलिंग पर गुड़ मिला जल अर्पित करने से आर्थिक तंगी, कर्ज और पारिवारिक कलह से राहत मिलती है। सावन और नाग पंचमी के खास मौके पर यह उपाय जीवन में सकारात्मकता और स्थिरता लाने के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

Nag Panchami Shiv Puja

Nag Panchami Shiv Puja : सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना और शिवलिंग का जलाभिषेक बेहद फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु सावन और नाग पंचमी के दिन जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं और शिव पुराण के अनुसार, शिवलिंग पर सादे जल के साथ-साथ गुड़ मिला जल चढ़ाने का विशेष महत्व है।

यह न सिर्फ मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन की कई उलझनों को कम करने में भी मददगार माना गया है।

आर्थिक तंगी और कर्ज से राहत की मान्यता

शिव पुराण के अनुसार, शिवलिंग पर नियमित या विशेष तिथियों पर गुड़ मिला जल चढ़ाने से धन से जुड़ी दिक्कतें कम होती हैं।

अगर आप लंबे समय से कर्ज या पैसों के दबाव से परेशान हैं, तो अभिषेक करते समय मन ही मन कर्ज मुक्ति का संकल्प लेकर प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।

ग्रह दोष और संपत्ति विवाद में असर

ज्योतिष शास्त्र में गुड़ का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से माना गया है। जब शिवलिंग पर गुड़ या मीठा जल चढ़ाया जाता है, तो कुंडली में इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।

इससे भूमि, भवन और संपत्ति से जुड़े पुराने विवादों में राहत मिलने की संभावना बढ़ती है।

परिवार में तालमेल और रिश्तों में मिठास

गुड़ को मिठास और सौम्यता का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इसका अर्पण करने से घर-परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे तनाव, मनमुटाव और झगड़े शांत होते हैं। इससे घर का माहौल सकारात्मक बनता है और आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं।

स्वास्थ्य और मानसिक ऊर्जा में सुधार

धार्मिक दृष्टि से मीठे जल का अभिषेक उत्तम स्वास्थ्य और ऊर्जा का संचार करता है। संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले लोगों के लिए भी सावन में यह पूजन उपयोगी माना गया है। गुड़ के जल के साथ-साथ शिवलिंग पर अक्षत, बेलपत्र, गंगाजल और कच्चा दूध चढ़ाना भी बेहद फलदायी रहता है।

पूजा का शुभ समय और सही तरीका

  • नाग पंचमी के दिन सुबह 05:51 बजे से 08:29 बजे तक का समय पूजा और अभिषेक के लिए सबसे उत्तम है।
  • तांबे या पीतल के लोटे में साफ जल लें और उसमें थोड़ा सा शुद्ध गुड़ घोल लें।
  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए धीमी धार से शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
  • अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र और अक्षत अर्पित करें और अपनी मनोकामना व्यक्त करें।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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