Rain Water Vastu Upay : सावन के मौसम में होने वाली बारिश सिर्फ प्रकृति को ताजगी ही नहीं देती, बल्कि सनातन परंपरा में इसे बेहद पवित्र भी माना गया है।
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, आकाश से गिरने वाला शुद्ध जल सकारात्मक ऊर्जा का बड़ा स्रोत होता है। अगर इस जल को सही तरीके से सहेजकर कुछ पारंपरिक नियम अपनाए जाएं, तो जीवन के कई तनाव कम हो सकते हैं।
आर्थिक तंगी से राहत के लिए
अगर काफी समय से धन से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं या आय के साधन रुक रहे हैं, तो वर्षा जल का यह उपाय मददगार माना जाता है।
बारिश का साफ पानी तांबे के बर्तन या मिट्टी के छोटे घड़े में जमा करें। इस जल में एक चुटकी पिसी हुई हल्दी मिला लें।
इस पात्र को घर की उत्तर दिशा में किसी साफ स्थान पर रखें, क्योंकि उत्तर दिशा को धन और कुबेर की दिशा माना जाता है।
नियमित रूप से सुबह और शाम इस जल पात्र के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
अच्छे स्वास्थ्य और मानसिक सुकून के लिए
पारंपरिक मान्यताओं में वर्षा जल से भगवान शिव की आराधना करना बेहद फलदायी बताया गया है।
अगर परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से अस्वस्थ या मानसिक तनाव में है, तो चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ यह आध्यात्मिक उपाय शांति दे सकता है।
शुद्ध बर्तन में इकट्ठा किए गए वर्षा जल से प्रतिदिन शिवलिंग का अभिषेक करें।
जल चढ़ाते समय शांत मन से ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का 108 बार जाप करें।
मान्यता है कि यह प्रक्रिया वातावरण में सकारात्मक भाव बढ़ाती है और मन को मजबूती देती है।
कमजोर चंद्रमा और तनाव को दूर करने का तरीका
कुंडली में चंद्रमा को मन, विचार और मानसिक संतुलन का कारक माना गया है। चंद्रमा कमजोर होने पर अक्सर घबराहट, अनिद्रा और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
वर्षा के बिल्कुल साफ पानी को एक हरे रंग की कांच की बोतल में भरकर रख लें।
इस बोतल को घर के किसी शांत और शुद्ध कोने में रखें।
इसे पूरे साल सुरक्षित रखा जाता है और अगले वर्ष की नई बारिश में पुराने जल को पौधों में डालकर नया जल भर लिया जाता है।
पानी सहेजते समय इन बातों का रखें ध्यान
इन सभी उपायों की शुद्धता पर ही इनका महत्व टिका है। छत या गंदे पाइप से गिरता हुआ पानी उपयोग में न लाएं।
जब तेज बारिश हो रही हो, तब खुले स्थान पर धुला हुआ तांबे, पीतल या कांच का बर्तन रखकर सीधे बरसता हुआ पानी जमा करें।




