Vastu Tps For Tulsi : हिंदू धर्म में तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात देवी का स्वरूप मानी जाती हैं। जिस घर के आंगन में तुलसी हरी-भरी रहती हैं, वहां भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास माना जाता है।
लेकिन, अक्सर देखा जाता है कि लोग जानकारी के अभाव में तुलसी के सूख जाने के बाद भी उसे आंगन या बालकनी में ही छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, यह स्थिति परिवार की उन्नति के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
सूखा पौधा घर में रखना क्यों है वर्जित?
तुलसी का हरा-भरा रहना जीवन और विकास का प्रतीक है। इसके विपरीत, जब पौधा पूरी तरह सूख जाता है, तो यह घर की ऊर्जा (Energy) के कमजोर होने का संकेत है।
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि सूखी लकड़ियां या मुरझाया हुआ तुलसी का पौधा घर के वातावरण में उदासी और तनाव बढ़ाता है।
इसे लंबे समय तक रखने से परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव, मानसिक अशांति और आर्थिक कार्यों में बेवजह की रुकावटें आने लगती हैं। इसे देवी तुलसी का अपमान भी माना गया है।
सूखी तुलसी को कैसे दें विदाई?
अगर तमाम कोशिशों के बाद भी तुलसी सूख गई है, तो उसे कूड़ेदान में फेंकने या नाली में बहाने की गलती न करें। इसे पूरे सम्मान के साथ विदा करना चाहिए ताकि घर की पवित्रता बनी रहे।
शुद्धिकरण: सबसे पहले सूखे पौधे पर थोड़ा गंगाजल छिड़कें।
भूमि विसर्जन: पौधे को जड़ सहित निकालकर किसी पवित्र स्थान, साफ मिट्टी या किसी बड़े गमले की मिट्टी में दबा दें।
दीपक जलाएं: विसर्जन के बाद उस स्थान पर घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ तुलस्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
पुनर्स्थापना: पुराने पौधे को हटाने के तुरंत बाद उसी स्थान या गमले में नई तुलसी का रोपण करें। यह प्रक्रिया घर में दोबारा सकारात्मकता लौटाती है।
तुलसी को हमेशा हरा-भरा रखने के उपाय
तुलसी का पौधा बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए इसकी देखभाल में सावधानी जरूरी है।
पानी का संतुलन: रोज जल चढ़ाएं, लेकिन मात्रा सीमित रखें। अधिक नमी से जड़ें सड़ सकती हैं।
धूप और छांव: गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले, लेकिन दोपहर की बहुत तेज धूप सीधी न पड़े।
मंजरी हटाएं: पौधे पर आई मंजरी (बीज) को समय-समय पर हटाते रहें, इससे पौधे की आयु बढ़ती है।
स्वच्छता: तुलसी के पास कभी भी गंदा पानी न गिरने दें और न ही इसे पैरों से स्पर्श करें।
कार्तिक और मार्गशीर्ष माह में तुलसी पूजा विशेष फलदायी होती है, इसलिए पौधे का विशेष ध्यान रखना चाहिए।



















