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Laxmi Puja Ke Niyam : लक्ष्मी पूजा में तुलसी का पत्ता चढ़ाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या है पौराणिक वजह

Laxmi Puja Ke Niyam : शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार पूजा में कुछ विशेष गलतियां करने से वे नाराज हो सकती हैं। विशेष रूप से तुलसी के पत्ते, सफेद वस्त्र और मोगरा जैसे सफेद फूलों का प्रयोग लक्ष्मी पूजन में वर्जित माना गया है।

Published on: January 16, 2026 6:27 AM
Laxmi Puja Ke Niyam
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HIGHLIGHTS

  • मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है, क्योंकि वे इसे सौतन मानती हैं।
  • भगवान शिव को प्रिय 'आंकड़े' का फूल और अन्य सफेद फूल (चंपा, मोगरा) लक्ष्मी जी को नहीं चढ़ाने चाहिए।
  • पूजा में सफेद वस्त्रों की जगह लाल या गुलाबी रंगों का ही प्रयोग शुभ माना जाता है।
  • देवी भागवत पुराण के अनुसार, लक्ष्मी पूजा से पहले गणेश वंदना अनिवार्य है।

Laxmi Puja Ke Niyam : शुक्रवार को मां लक्ष्मी की आराधना विधि-विधान से करने पर घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, लेकिन जानकारी के अभाव में भक्त अक्सर ऐसी वस्तुएं अर्पित कर देते हैं जो शास्त्रों में वर्जित हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गलत पूजन विधि से माता प्रसन्न होने के बजाय नाराज हो सकती हैं। शास्त्रों में वर्णित नियमों का पालन करके ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त किया जा सकता है।

फूलों के चयन में सावधानी

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए फूलों का सही चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है। पूजा में गलती से भी ‘आंकड़े’ का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए।

यह फूल भगवान शिव को अति प्रिय है, लेकिन लक्ष्मी पूजन में इसका निषेध है। इसके अलावा, माता को सफेद रंग के फूल जैसे कनेर, चंपा, रातरानी और मोगरा अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता।

इसके विपरीत, मां लक्ष्मी को लाल रंग के फूल जैसे गुलाब और गुड़हल बेहद पसंद हैं। कमल का फूल माता का सबसे प्रिय है, जिसे अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

तुलसी दल क्यों है वर्जित?

विष्णु जी को तुलसी अत्यंत प्रिय है, लेकिन लक्ष्मी पूजन में तुलसी का प्रयोग पूरी तरह मना है। इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता है। भगवान विष्णु का विवाह शालिग्राम स्वरूप में तुलसी से हुआ था।

इस रिश्ते से तुलसी जी मां लक्ष्मी की सौतन मानी जाती हैं। यही कारण है कि लक्ष्मी जी की पूजा में तुलसी चढ़ाने से वे नाराज हो सकती हैं। हालांकि, भगवान विष्णु की पूजा में आप तुलसी का बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं।

रंग और वस्त्रों का नियम

पूजा के दौरान रंगों का विशेष महत्व होता है। मां लक्ष्मी को लाल और गुलाबी रंग प्रिय हैं, इसलिए उन्हें इन्हीं रंगों की वस्तुएं और वस्त्र अर्पित करने चाहिए। पूजा में सफेद रंग के वस्त्र या चीजें चढ़ाना वर्जित माना गया है, क्योंकि यह धन की देवी के लिए शुभ नहीं है।

पूजा सामग्री की सही दिशा

शास्त्रों में पूजा सामग्री रखने का भी एक निश्चित स्थान बताया गया है। पूजा करते समय दीपक और प्रसाद को हमेशा मां लक्ष्मी के दाहिनी ओर रखना चाहिए।

वहीं, अगरबत्ती, धूप और धुएं वाली अन्य सामग्री बायीं ओर रखनी चाहिए। देवी भागवत पुराण के अनुसार, लक्ष्मी पूजा की शुरुआत हमेशा गणेश जी की पूजा से करनी चाहिए और पुष्प हमेशा माता के ठीक सामने रखने चाहिए।

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Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है।

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