होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Vastu Tips : घर में सुख-समृद्धि रोक रहे हैं जूते-चप्पल? जानिए सही नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार, रसोई और पूजा घर के पास जूते-चप्पल रखना दरिद्रता और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए जूतों को केवल दक्षिण-पश्चिम दिशा में ढके हुए रैक में रखना ही सही माना गया है।

Published on: February 6, 2026 6:58 AM
Vastu Tips
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • मुख्य द्वार: दरवाजे के सामने जूते रखने से घर से रूठ सकती हैं माता लक्ष्मी।
  • रसोई घर: किचन के आसपास चप्पलें रखने से स्वास्थ्य और धन की होती है हानि।
  • बेडरूम: बिस्तर के नीचे जूते रखने से पति-पत्नी के रिश्तों में आता है तनाव।
  • सही दिशा: वास्तु के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम कोना ही है जूतों के लिए उपयुक्त स्थान।

Vastu Tips : अक्सर हम घर की सजावट और दिशाओं पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन जूते-चप्पलों के सही स्थान को नजरअंदाज कर देते हैं।

वास्तु शास्त्र में जूतों के गलत रखरखाव को घर में आने वाली आर्थिक तंगी और नकारात्मक ऊर्जा का एक बड़ा कारण माना गया है। जानें, घर के किस हिस्से में जूते रखना आपकी सुख-शांति छीन सकता है।

मुख्य द्वार

माता लक्ष्मी का अपमान घर का मुख्य द्वार सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा और समृद्धि का प्रवेश द्वार है। वास्तु नियमों के मुताबिक, मुख्य द्वार के ठीक सामने या एकदम बाहर जूता-चप्पल उतारना ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है।

इसे धन की देवी माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। यह आदत परिवार में धन हानि, गरीबी और आर्थिक परेशानियों को न्योता देती है। इसलिए प्रवेश द्वार को हमेशा साफ और अवरोध मुक्त रखना चाहिए।

रसोई और पूजा घर

पवित्रता से खिलवाड़ रसोई घर में माता अन्नपूर्णा का वास होता है, जो समृद्धि और स्वास्थ्य का प्रतीक है। रसोई के अंदर या आसपास जूते-चप्पल ले जाने से वहां गंदगी और नकारात्मकता पहुंचती है।

इससे खाने की बर्बादी होती है और परिवार के सदस्यों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसी तरह, पूजा कक्ष घर का सबसे पवित्र कोना है। इसके पास जूते रखने से घर की पवित्रता भंग होती है, जिससे मानसिक अशांति और पैसों की किल्लत बढ़ सकती है।

बेडरूम में कलह का कारण वास्तु शास्त्र बेडरूम को शांति और विश्राम का स्थान मानता है। अगर आप बेडरूम के अंदर या बिस्तर के नीचे जूते-चप्पल रखते हैं, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

इसका सीधा असर आपकी नींद और दांपत्य जीवन पर पड़ता है, जिससे पति-पत्नी के बीच तनाव और झगड़े बढ़ सकते हैं।

कहां रखना चाहिए जूते-चप्पल?

वास्तु के अनुसार, जूतों को व्यवस्थित रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा सबसे शुभ मानी गई है। जूतों को हमेशा एक बंद रैक (Shoe Rack) में रखें ताकि उनकी नकारात्मक ऊर्जा घर में न फैले।

बाहर से आए गंदे जूतों को तुरंत साफ करें और मुख्य कमरों से दूर रखें। इन नियमों का पालन कर आप घर में सुख और शांति बनाए रख सकते हैं।

Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है। 📧 Email: editor.dhnn@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading