Sawan Somwar Upay : सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह संशय रहता है कि अगर पहला सोमवार छूट गया है, तो क्या बाकी बचे सोमवार का व्रत रखने से पूजा का पूरा फल मिलेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भोलेनाथ को आशुतोष कहा गया है, यानी वे बहुत कम समय और केवल सच्ची श्रद्धा से ही प्रसन्न हो जाते हैं। अगर आप सभी सोमवार का व्रत नहीं रख पाए हैं, तो बचे हुए सोमवार में भी नियमपूर्वक पूजा करके अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।
शीघ्र विवाह के लिए गौरी-शंकर पूजन विधि

जिन युवक-युवतियों के विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हैं या मनचाहे जीवनसाथी की तलाश पूरी नहीं हो रही है, उनके लिए सावन सोमवार का दिन बहुत फलदायी माना गया है।
- सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर स्वच्छ जल और गंगाजल से अभिषेक करें।
- भगवान शिव के साथ माता पार्वती (मां गौरी) की संयुक्त रूप से पूजा करें।
- पौराणिक मान्यता है कि देवी पार्वती, माता सीता और रुक्मणी जी ने भी मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए गौरी पूजन और सोमवार व्रत किए थे।
- पूजा के समय विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने की प्रार्थना करें।
संतान प्राप्ति की कामना के लिए विशेष अभिषेक
संतान सुख की चाह रखने वाले दंपतियों के लिए सावन के सोमवार पर विशेष विधि से शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
- शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक करें और फिर साफ जल चढ़ाएं।
- जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करने की भी परंपरा है।
- अभिषेक के बाद शिव परिवार की धूप, दीप और पुष्प से आरती करें।
- दोनों पति-पत्नी मिलकर संतान के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की प्रार्थना करें।
घर में सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए क्या करें?
जीवन में आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति के लिए सावन सोमवार की पूजा बहुत सरल और प्रभावी मानी गई है।
शिवलिंग पर 3 या 5 अखंडित (बिना कटे-फटे) बेलपत्र अर्पित करें।
बेलपत्र के चिकने हिस्से की तरफ से शिवलिंग पर चढ़ाएं और मन में ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
अगर किसी कारणवश पूरे दिन का उपवास संभव न हो, तो भी सुबह केवल शुद्ध जल और बेलपत्र अर्पित करके अपनी मनोकामना व्यक्त कर सकते हैं।
भगवान शिव की पूजा में बाहरी आडंबर से ज्यादा मन की शुद्धि और भाव का महत्व होता है।
अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा समय निकालकर सावन के बचे हुए सोमवार में पूरी आस्था के साथ यह आराधना अवश्य करें।













