ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

उत्तराखंड में गैस सिलेंडर के लिए मची जद्दोजहद, हल्द्वानी में सबसे बुरा हाल, जानें कब सुधरेगी सप्लाई

उत्तराखंड में एलपीजी आपूर्ति को संतुलित करने के लिए कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में 80% तक की कटौती लागू की गई है। घरेलू सिलेंडरों के वितरण में तकनीकी खामियों और बढ़ती बुकिंग के कारण हल्द्वानी समेत कई जिलों में 6 दिन तक का बैकहॉग चल रहा है।

उत्तराखंड में गैस सिलेंडर के लिए मची जद्दोजहद, हल्द्वानी में सबसे बुरा हाल, जानें कब सुधरेगी सप्लाई

HIGHLIGHTS

  • व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब कुल क्षमता का केवल 20% यानी प्रतिदिन करीब 1,400 सिलेंडर ही मिलेंगे।
  • हल्द्वानी में गैस सिलेंडर की किल्लत सबसे ज्यादा, उपभोक्ताओं को डिलीवरी के लिए औसतन 6.5 दिन का इंतजार।
  • अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को कटौती से छूट, 8,000 सिलेंडरों का डेटा मिसमैच होने से बिगड़ा वितरण का गणित।

देहरादून। उत्तराखंड में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति का गणित पूरी तरह गड़बड़ा गया है, जिसके चलते प्रशासन को कमर्शियल गैस वितरण पर कड़ा नियंत्रण लागू करना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता और सप्लाई चेन में आई बाधाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में 80 प्रतिशत की बड़ी कटौती का फैसला लिया है। अब राज्य भर के होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट को उनकी सामान्य जरूरत के मुकाबले केवल 20 फीसदी ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रदेश में हर महीने होने वाली 1,72,000 कमर्शियल सिलेंडरों की खपत को घटाकर अब केवल 34,400 तक सीमित कर दिया गया है।

सरकारी आदेश के मुताबिक, अब प्रतिदिन पूरे राज्य में केवल 1,400 व्यावसायिक सिलेंडर ही बांटे जा सकेंगे। हालांकि, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गैस कंपनियों को 2,650 सिलेंडरों का बफर स्टॉक तैयार रखने को कहा गया है ताकि बाजार में कालाबाजारी न बढ़े।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी स्थिति बहुत सहज नहीं है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में बैकहॉग का आंकड़ा डराने वाला है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां सिलेंडर बुक कराने के बाद उपभोक्ताओं को औसतन 6.5 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सामान्य तौर पर यह बैकहॉग महज एक से दो दिन का होता है। हल्द्वानी के अलावा अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में भी 5 दिन की वेटिंग चल रही है।

राहत की बात केवल इतनी है कि इस कटौती का असर स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को उनकी मांग के अनुरूप 100 प्रतिशत एलपीजी सप्लाई जारी रखी जाएगी।

वहीं, घरेलू गैस की डिमांड में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दिनों जहां रोजाना 54,985 बुकिंग हो रही थी, वह अब घटकर 30,000 के करीब पहुंच गई है, जिससे आने वाले दिनों में बैकहॉग कम होने की उम्मीद है।

वितरण में आई इस देरी के पीछे एक बड़ा तकनीकी पेच भी सामने आया है। डेटा विश्लेषण में पता चला है कि लगभग 8,000 सिलेंडर उपभोक्ताओं को मैन्युअल तरीके से डिलीवर तो कर दिए गए, लेकिन उन्हें ऑनलाइन सिस्टम में अपडेट नहीं किया जा सका। इस डेटा मिसमैच की वजह से कागजों पर बैकहॉग ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है।

फिलहाल, केवल उन्हीं रजिस्टर्ड कमर्शियल ग्राहकों को गैस दी जा रही है जो नियमित रूप से रिकॉर्ड में दर्ज हैं, ताकि फर्जी मांग और जमाखोरी को रोका जा सके।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment