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मुनक्का के ये दाने हैं महिलाओं के लिए वरदान, बस जान लें सेवन का सही आयुर्वेदिक तरीका

मुनक्का केवल एक सूखा मेवा नहीं बल्कि आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि है, जो महिलाओं की छिपी तकलीफों से लेकर पुरानी कब्ज तक का काल है। सही विधि से इसका 7 दिनों तक सेवन शरीर में खून की वृद्धि और आंतरिक विकारों को जड़ से समाप्त कर देता है।

Munakka Health Benefits

HIGHLIGHTS

  • मुनक्का तासीर में गर्म और तर होता है, जो सर्दी के मौसम में वात और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक है।
  • स्त्री रोगों के लिए विशेष 'मुनक्का रसायन' का निर्माण सुंदरता बढ़ाने और शारीरिक विकारों को दूर करने में अचूक है।
  • मधुमेह (Diabetes) रोगियों के लिए मुनक्का वर्जित है, और इसके सेवन के दौरान चीनी का प्रयोग न्यूनतम रखना अनिवार्य है।

Munakka Health Benefits : आयुर्वेद में मुनक्का (द्राक्षा) को ‘भेषज’ यानी औषधि की श्रेणी में रखा गया है, जो विशेष रूप से महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य और शारीरिक तेज को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

मुनक्का की तासीर गर्म और प्रकृति ‘तर’ होती है, जो इसे सर्दियों के लिए सबसे उपयुक्त सुपरफूड बनाती है। यह न केवल प्यास बुझाता है और पित्त शांत करता है, बल्कि हृदय, आंतों और रक्त विकारों पर सीधा प्रहार करता है।

महिलाओं के लिए विशेष आयुर्वेदिक औषधि

स्त्री रोगों के लिए मुनक्का एक वरदान की तरह काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार, 50 ग्राम पिसे मुनक्के को सुपारी चूर्ण, गाय के घी, बादाम, पिस्ता, जावित्री, लौंग और सफेद जीरा जैसे 20 से अधिक द्रव्यों के साथ पकाकर बनाई गई चाशनी महिलाओं के शारीरिक सौंदर्य को निखारती है।

यह मिश्रण न केवल प्रजनन अंगों के विकारों को दूर करता है बल्कि चेहरे पर प्राकृतिक चमक भी लाता है। प्रसव के बाद महिलाओं को 10-12 मुनक्के दूध में उबालकर देने से दुग्धपान कराने वाली माताओं में दूध की पर्याप्त वृद्धि होती है।

खून की कमी और कमजोरी का काल

अगर आप एनीमिया या शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे हैं, तो 60 ग्राम मुनक्का धोकर 12 घंटे के लिए भिगो दें। इन भीगे हुए दानों को चबाकर खाने से पेट के रोग खत्म होते हैं और हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है।

शोध बताते हैं कि मुनक्का में मौजूद आयरन और विटामिन B कॉम्प्लेक्स रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होते हैं। पुरुषों के लिए भी यह कम रामबाण नहीं है; 250 मिलीलीटर दूध में 10 मुनक्का उबालकर, उसमें एक चम्मच घी और खांड मिलाकर पीने से मर्दाना कमजोरी और बल-वीर्य में सुधार होता है।

पुरानी कब्ज और श्वसन रोगों में राहत

कब्ज के रोगियों के लिए रात को सोते समय दूध में उबला हुआ मुनक्का किसी चमत्कार से कम नहीं है। यदि समस्या पुरानी है, तो मुनक्का, किशमिश और अंजीर को रात भर भिगोकर सुबह नींबू और शहद के साथ इसका सेवन करें।

वहीं, फेफड़ों की कमजोरी और दमा के मरीजों के लिए 15 दाने रात को भिगोकर सुबह बीज निकालकर चबाना और वही पानी पीना फेफड़ों से विषैले मवाद को बाहर निकालने में मदद करता है।

मुनक्का सेवन गाइड आदर्श स्थिति
सामान्य खुराक 5 से 15 मुनक्के प्रतिदिन
असर दिखने का समय लगातार 7 दिन
वर्जित मधुमेह (Diabetes) के रोगी
विशेष सावधानी सेवन के दौरान अतिरिक्त चीनी से बचें

संक्रमण और बुखार में भी कारगर

टाइफाइड (आंत्रिक ज्वर) में मुनक्का को बीच से चीरकर काला नमक लगाकर सेंक कर खाने से जीवाणु नष्ट होते हैं। इसके अलावा, चेचक के रोगियों को दिन में कई बार मुनक्का देने से रिकवरी तेज होती है।

जो बच्चे बिस्तर पर पेशाब करते हैं, उन्हें रात को बीज निकालकर कालीमिर्च के साथ दो मुनक्के खिलाने से 2 हफ्ते में इस आदत से छुटकारा मिल सकता है।

Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

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