आयुर्वेद और प्राचीन चिकित्सा पद्धति में कलौंजी को एक ऐसी औषधि माना गया है जो मौत को छोड़कर शरीर के हर विकार को दूर कर सकती है। साधारण सा दिखने वाला यह (Kalonji Health Benefits) आज के समय की सबसे जटिल बीमारियों जैसे कैंसर, डायबिटीज और किडनी रोगों में किसी संजीवनी से कम नहीं है।
असाध्य रोगों में रामबाण है ‘ब्लैक सीड’
कलौंजी के तेल में दो सबसे प्रभावशाली तत्व थाइमोक्विनोन और थाइमोहाइड्रोक्विनोन पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर के अंदर जाकर खराब कोशिकाओं को रिपेयर करते हैं और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
अगर हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो आधे चम्मच कलौंजी के तेल को गर्म चाय में मिलाकर दिन में दो बार लेने से रक्त संचार बेहतर होता है। हृदय को और अधिक मजबूती देने के लिए एक कप बकरी के दूध में आधा चम्मच तेल मिलाकर पीना बेहद कारगर माना गया है।
किडनी और कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा चक्र
कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए अंगूर के रस और कलौंजी के तेल का मिश्रण किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक कप अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी तेल मिलाकर दिन में तीन बार लेने से ब्लड कैंसर और आंतों के कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। व
हीं, किडनी स्टोन की समस्या में आधा चम्मच तेल, एक कप गर्म पानी और दो चम्मच शहद का मिश्रण पत्थर को गलाने में मदद करता है। पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए 250 ग्राम पिसी कलौंजी और आधा कप शहद का पेस्ट बनाकर आधा कप पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है।
डायबिटीज और श्वसन रोगों का इलाज
मधुमेह यानी डाइबिटीज के रोगियों के लिए कलौंजी का सेवन काफी सरल और प्रभावी है। एक महीने तक लगातार सुबह-शाम काली चाय में आधा चम्मच तेल मिलाकर पीने से शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
अस्थमा या खांसी की शिकायत होने पर गर्म पानी में शहद और कलौंजी तेल का मिश्रण कफ को बाहर निकाल देता है और फेफड़ों को राहत पहुंचाता है।
सौंदर्य और मस्तिष्क की शक्ति
दिमाग तेज करने और याददाश्त बढ़ाने के लिए 10 ग्राम पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर उसमें आधा चम्मच तेल मिलाएं और 25 दिनों तक इसका सेवन करें।
सौंदर्य के लिहाज से देखें तो मुंहासों के लिए नींबू के रस के साथ इसका लेप और चमकदार त्वचा के लिए जैतून के तेल के साथ इसका सेवन अद्भुत परिणाम देता है।
अगर आप बालों के झड़ने या गंजेपन से परेशान हैं, तो कलौंजी के पाउडर को सरसों के तेल में मिलाकर सिर पर लगाने से नए बाल उगने लगते हैं।
पेट और अन्य शारीरिक तकलीफें
पेट दर्द, गैस या एसिडिटी होने पर आधा गिलास गर्म पानी में कलौंजी तेल और काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत आराम मिलता है। जोड़ों के दर्द में सिरका, शहद और कलौंजी तेल की मालिश सूजन और जकड़न को खत्म कर देती है।
यहां तक कि फटी एड़ियों और शारीरिक थकान को दूर करने के लिए भी कलौंजी एक बेहतरीन घरेलू उपचार है।















