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Uttarakhand Ration Scam : मृतकों और अपात्रों के नाम पर बन रहे फर्जी कार्ड, ब्लैक मार्केट में बिक रहा गरीबों का निवाला

उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में मृतकों और अपात्र लोगों के नाम पर फर्जी राशन कार्ड बनाकर सरकारी खाद्यान्न डकारने का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने शिकायत के आधार पर 19 राशन दुकानों के खिलाफ सख्त जांच शुरू कर दी है।

Uttarakhand Ration Scam : मृतकों और अपात्रों के नाम पर बन रहे फर्जी कार्ड, ब्लैक मार्केट में बिक रहा गरीबों का निवाला

HIGHLIGHTS

  • 19 सरकारी राशन दुकानों की जांच के आदेश जारी।
  • यूपी के कई जिलों के मृतकों की आईडी का इस्तेमाल।
  • मुफ्त का सरकारी अनाज ऊंचे दामों पर बिका।
  • सीएम और मुख्य सचिव को सौंपा गया विस्तृत हलफनामा।

देहरादून, 28 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Ration Scam : उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बंटने वाले मुफ्त राशन की भारी कालाबाजारी पकड़ी गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने शिकायत मिलते ही मामले की सघन जांच के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय अधिकारी अब चिन्हित दुकानों का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर और रामपुर जिलों में मर चुके लोगों के आधार नंबरों का दुरुपयोग कर देवभूमि में रातों-रात फर्जी यूनिट और राशन कार्ड तैयार कर लिए गए। इन जाली दस्तावेजों के दम पर हर महीने कुंतलों के हिसाब से सरकारी अनाज उठाया जा रहा है। असली और पात्र गरीब परिवार इस योजना से पूरी तरह वंचित घूम रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी आयुध पाठक ने इस पूरे नेक्सेस का भंडाफोड़ करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को एक भारी-भरकम हलफनामा सौंपा है। शिकायतकर्ता ने फर्जी राशन कार्डों की पूरी सूची, राशन दुकानों के नाम और उनके सीक्रेट कोड का पूरा विवरण शासन के पटल पर रख दिया है।

कुछ बेईमान विभागीय अधिकारियों और राशन विक्रेताओं की गहरी मिलीभगत से सरकारी रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। मुफ्त मिलने वाले इस सरकारी अनाज को ब्लैक मार्केट में सीधे ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध कमाई की जा रही है। सरकार के खजाने, समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

अकेले देहरादून शहर में पांच राशन दुकानों पर यह फर्जीवाड़ा धड़ल्ले से चल रहा है। हरिद्वार की सात और नैनीताल की सात सरकारी राशन दुकानों पर भी मृतकों के नाम पर खाद्यान्न वितरण दिखाकर सारा माल ठिकाने लगाया जा रहा है। नैनीताल की सात दुकानों के खिलाफ विभाग ने प्राथमिक स्तर पर अलग से विभागीय जांच शुरू कर दी है।

अपर आयुक्त पीएस पांगती ने स्पष्ट कर दिया है कि अपात्र लोगों के नाम पर बनी फर्जी यूनिट्स और सरकारी राशन डकारने वाले माफियाओं पर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। तफ्तीश पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी राशन विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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