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Uttarakhand Upnal Employees : उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, शासन ने तैयार किया संशोधित अनुबंध पत्र

उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए 'समान काम-समान वेतन' लागू करने की दिशा में संशोधित अनुबंध पत्र (Draft Contract) तैयार कर लिया है। नए ड्राफ्ट में कर्मचारियों की श्रेणियों को समाप्त कर उन्हें पद के समकक्ष माना गया है और एकतरफा बर्खास्तगी पर रोक लगा दी गई है।

Uttarakhand Upnal Employees : उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, शासन ने तैयार किया संशोधित अनुबंध पत्र

HIGHLIGHTS

  • श्रेणियां समाप्त: अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल जैसी श्रेणियां खत्म कर अब विभागीय पद के अनुसार तय होगा मानदेय।
  • अपील का अधिकार: प्रशासनिक कार्रवाई से पहले कर्मचारियों को अपनी बात रखने और सक्षम अधिकारी के पास अपील करने का वैधानिक हक मिलेगा।
  • UPCL में सक्रियता: ऊर्जा निगम ने समान वेतन के पात्र कर्मचारियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

देहरादून, 02 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में ‘समान काम और समान वेतन’ की प्रतीक्षा कर रहे हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। कार्मिक विभाग ने विवादित शर्तों को हटाते हुए अनुबंध का नया संशोधित ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन ने पुराने अनुबंध पत्र को निरस्त कर दिया है और नए प्रारूप को औपचारिक परामर्श के लिए वित्त विभाग को भेज दिया है। वित्त की मंजूरी मिलते ही इसे प्रदेश भर में लागू कर दिया जाएगा।

कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास उपनल कर्मचारियों को जल्द से जल्द समान वेतन का लाभ दिलाना है। संशोधित अनुबंध पत्र को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारी नई प्रक्रिया के तहत अनुबंध कर सकें। सूत्रों के अनुसार, नए ड्राफ्ट में कर्मचारियों की उन सभी आपत्तियों को सुलझा लिया गया है, जो पिछले लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई थीं।

पदों का वर्गीकरण खत्म, पदनाम को मिली मान्यता

नए अनुबंध की सबसे बड़ी विशेषता पदों के वर्गीकरण में बदलाव है। अब तक उपनल के माध्यम से तैनात कर्मचारियों को अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल और अधिकारी श्रेणियों में बांटा जाता था। संशोधित ड्राफ्ट में इन श्रेणियों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब कर्मचारी जिस पद पर कार्यरत हैं, उन्हें उसी विभाग के स्थायी पद के समकक्ष मानकर वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। इससे वेतन विसंगतियां दूर होंगी।

विभागीय मनमानी पर अंकुश: अपील का मिला अधिकार

सुरक्षा की दृष्टि से भी नया अनुबंध काफी अहम माना जा रहा है। अब विभाग उपनल कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरह की एकतरफा दंडात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो उसे अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। सक्षम अधिकारी के स्तर पर सुनवाई और अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों में नौकरी जाने का डर कम होगा।

UPCL में स्क्रीनिंग कमेटी गठित, एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

इधर, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) में समान वेतन देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन ने कार्मिक विभाग के निर्देशों पर अमल करते हुए एक हाई-पावर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। मुख्य अभियंता (सिविल) आशीष अरोड़ा की अध्यक्षता वाली यह समिति पात्र कर्मचारियों का विवरण जुटाएगी। इस समिति में डीजीएम (वित्त) अमित कंसल और वरिष्ठ विधि अधिकारी महेंद्र कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

संगठन की प्रतिक्रिया

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही देरी पर चिंता भी जताई है। उन्होंने कहा कि संशोधित अनुबंध पत्र जारी होने में हो रही देरी से कर्मचारियों में निराशा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अविलंब वित्त विभाग से परामर्श की प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी करे, ताकि धरातल पर कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो सके।

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Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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