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Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के इन 7 जिलों में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

उत्तराखंड में 4 और 5 मई को भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ की चेतावनी को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के इन 7 जिलों में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

HIGHLIGHTS

  • देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल सहित 7 जिलों में 4-5 मई को तीव्र वर्षा और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट।
  • 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं; ट्रेकिंग और पहाड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के आदेश।
  • लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को बंद सड़कों को तुरंत खोलने के लिए मशीनरी तैनात रखने के निर्देश।

देहरादून, 03 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में अगले 48 घंटों के भीतर मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने 04 और 05 मई के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान मैदानी इलाकों में तेज अंधड़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है।

इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 04 और 05 मई को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर रहने वाला है। इन सात जिलों के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और कहीं-कहीं अति तीव्र वर्षा होने का अनुमान है। वहीं, 05 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट के तहत भारी ओलावृष्टि और तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और आपदा प्रबंधन

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दलों का रिस्पांस टाइम न्यूनतम होना चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आपदा उपकरणों को ‘रेडी टू यूज’ मोड पर रखने को कहा गया है।

यात्री और स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश

खराब मौसम को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD), बीआरओ (BRO) और पीएमजीएसवाई को अलर्ट पर रखा गया है ताकि बारिश या भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बाधित होने पर उन्हें तत्काल खोला जा सके। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेजों को भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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