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सेलाकुई स्थित जय श्री बालाजी परफ्यूम फैक्ट्री में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका

Published on: December 14, 2025 6:52 PM
सेलाकुई स्थित जय श्री बालाजी परफ्यूम फैक्ट्री में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका
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उत्तराखंड के विकासनगर इलाके में स्थित सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया में हाल ही में एक बड़ी घटना घटी, जहां एक परफ्यूम उत्पादन करने वाली फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। यह इलाका औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां कई छोटी-बड़ी इकाइयां काम करती हैं।

ऐसी जगहों पर रसायनों और ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल आम है, जो कभी-कभी अनियोजित दुर्घटनाओं का कारण बन जाता है। इस बार की घटना ने स्थानीय लोगों और कामगारों को चौंका दिया, लेकिन तुरंत कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।

घटना का पूरा ब्योरा

यह आग जय श्री बालाजी इंडस्ट्रीज नाम की फैक्ट्री में लगी, जो परफ्यूम और सुगंधित उत्पाद बनाने में विशेषज्ञ है। जैसे ही आग की लपटें उठीं, आसपास का माहौल धुएं से भर गया और लोग घबरा उठे। फैक्ट्री के अंदर काम करने वाले कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन आग की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की इमारतों को भी खतरा महसूस हुआ।

स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, और पुलिस के साथ बचाव दल मौके पर पहुंचा। फायर सर्विस की टीम ने बिना देर किए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, जिसमें कई घंटों तक पानी की बौछारें और फोम का इस्तेमाल किया गया। शुक्र है कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना हमें औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को याद दिलाती है।

आग लगने के पीछे छिपे कारण

भारत में हर साल हजारों आग की घटनाएं होती हैं, और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में अकेले 7,000 से ज्यादा औद्योगिक आग की दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सेलाकुई जैसी जगहों पर, जहां परफ्यूम फैक्टरियां अल्कोहल और अन्य ज्वलनशील रसायनों का इस्तेमाल करती हैं, स्पार्किंग या शॉर्ट सर्किट जैसी छोटी सी गलती बड़ी तबाही मचा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी वायरिंग, ओवरलोडिंग या रखरखाव की कमी अक्सर इनकी वजह बनती है। बड़े शॉपिंग मॉल्स और फैक्टरियों में भी यही समस्या देखी जाती है, जहां लाखों का नुकसान हो जाता है। यदि समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

आग की स्थिति में अपनाएं ये सावधानियां

जब कभी आग लग जाए, तो सबसे पहले खुद को शांत रखना जरूरी है, क्योंकि घबराहट से स्थिति और बिगड़ सकती है। तुरंत 101 नंबर पर कॉल करके मदद मांगें, और अगर फायर अलार्म मौजूद है, तो उसे बजाएं ताकि आसपास के लोग सतर्क हो जाएं। लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, बल्कि सीढ़ियों से नीचे उतरें, क्योंकि आग में लिफ्ट फंस सकती है। अगर धुआं फैल रहा हो, तो गीले कपड़े से मुंह और नाक ढक लें, जो सांस लेने में मदद करेगा।

यदि कमरे में फंस जाएं, तो दरवाजे और खिड़कियों को बंद करके उनके नीचे गीला तौलिया या चादर रखें, ताकि धुआं अंदर न आए। धुएं से बचने के लिए जमीन पर लेटना बेहतर है, क्योंकि धुआं ऊपर की तरफ जाता है।

आग बुझाने के लिए पानी, रेत या मिट्टी का इस्तेमाल करें, लेकिन बिजली से जुड़ी आग पर पानी न डालें। घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दें और अस्पताल पहुंचाएं। इन सरल उपायों से जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है, और फायर ब्रिगेड की टीमें अक्सर ऐसे टिप्स साझा करती रहती हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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