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Ankita Bhandari Case : देहरादून परेड ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, हरीश रावत ने सरकार को घेरा

देहरादून के परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने 'महापंचायत' का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान सीबीआई जांच को "वीआईपी" को बचाने की साजिश बताते हुए इसे खारिज कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और अंकिता के माता-पिता की उपस्थिति में मांग की गई कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में और परिजनों की तहरीर के आधार पर हो।

Published on: February 8, 2026 4:38 PM
Ankita Bhandari Case : देहरादून परेड ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, हरीश रावत ने सरकार को घेरा
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HIGHLIGHTS

  1. देहरादून परेड ग्राउंड में कांग्रेस और 40 से अधिक संगठनों ने अंकिता भंडारी न्याय महापंचायत बुलाई।
  2. प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरणविद अनिल जोशी की तहरीर पर शुरू हुई सीबीआई जांच को सरकार द्वारा प्रायोजित बताया।
  3. मांग की गई कि सीबीआई जांच अंकिता के माता-पिता की मूल शिकायत पर और सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में की जाए।
  4. महापंचायत में अंकिता के परिजनों समेत इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

Ankita Bhandari Case : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड के न्याय की मांग से थर्रा उठी। परेड ग्राउंड में ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले आयोजित महापंचायत में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए। इस जनसमूह ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे वर्तमान सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया है।

सीबीआई जांच पर सवाल और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने महापंचायत को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति (पर्यावरणविद अनिल जोशी) को शिकायतकर्ता बनाकर सीबीआई जांच शुरू करवाई है, जिसका अंकिता के परिवार से कोई संबंध नहीं है। रावत के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया उस “वीआईपी” को बचाने की एक सोची-समझी चाल है, जिसका नाम इस प्रकरण में बार-बार सामने आता रहा है। मंच से प्रस्ताव पारित किया गया कि जांच केवल सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में ही मान्य होगी।

अंकिता के माता-पिता और संगठनों की पांच प्रमुख मांगें

महापंचायत के दौरान अंकिता के माता-पिता भावुक नजर आए और उन्होंने अपनी बेटी के हत्यारों के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. सत्यनारायण सचान और भाकपा (माले) के सचिव इंद्रेश मैखुरी ने आरोप लगाया कि 3 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई सीबीआई जांच केवल दिखावा है।

महापंचायत में पांच अहम प्रस्ताव पास किए गए, जिसमें अंकिता के माता-पिता की तहरीर को जांच का आधार बनाने और साक्ष्य मिटाने वाले अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही गई है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 📧 Email: harpreetssoni9@gmail.com

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