Dehradun : प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर एक अहम बैठक की। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से आवारा कुत्तों और गोवंश को हटाने के लिए तुरंत यथोचित कार्रवाई शुरू की जाए।
Dehradun : कुमारी शैलजा के आरोपों पर भड़के महेंद्र भट्ट, कहा- जनता सब देख रही है
बड़े शहरों के लिए नोडल अधिकारी होंगे तैनात
मुख्य सचिव ने समस्या से निपटने के लिए क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने इलाकों में नोडल अधिकारी तैनात करें।
बैठक में विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों का जिक्र किया गया। इन शहरों में स्ट्रीट डॉग्स (आवारा कुत्तों) के संबंध में माननीय न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
हाईवे और स्टेशनों पर विशेष फोकस
सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने के नजरिए से मुख्य सचिव ने नेशनल हाईवे (NH) की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे हाईवे पर उन ‘क्रिटिकल’ जगहों की पहचान करें जहां आवारा पशुओं का जमावड़ा ज्यादा रहता है।
Roorkee : रुड़की में विजिलेंस की बड़ी रेड, 5 गांवों में एक साथ धावा-160 बिजली चोर पकड़े
ऐसी जगहों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, परिवहन सचिव को निर्देश दिए गए कि वे स्थानीय निकायों की मदद से सभी बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों के आसपास से आवारा पशुओं और गोवंश को हटाने की व्यवस्था करें।
गोद लेने की अपील और पालतू जानवरों पर नियम
बैठक में सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाधान पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवारा गोवंश के लिए कांजी हाउस तैयार किए जाएं और उनके संचालन की पुख्ता व्यवस्था हो।
साथ ही, आम लोगों को इन पशुओं को गोद लेने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन पालतू जानवर रखने वालों के लिए भी एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करेगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।













