Dehradun : भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने मंगलवार को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा पलटवार किया है। पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन को विपक्ष की ‘अंदरूनी लड़ाई’ का परिणाम करार दिया।
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चमोली ने साफ किया कि काशीपुर में किसान आत्महत्या मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और एसआईटी जांच शुरू हो चुकी है।
चुनावी साल में ‘सुर्खियां’ बटोरने की कोशिश
विनोद चमोली ने पूर्व सीएम हरीश रावत (हरदा) के देर रात किए गए धरने को राजनीतिक स्टंट बताया। उनका कहना है कि जनता द्वारा नकारे जाने के बाद रावत अपनी ही पार्टी में हाशिए पर हैं।
अपना वजूद बचाने और चर्चा में बने रहने के लिए वे सोशल मीडिया और हर छोटी-बड़ी घटना में अपनी भूमिका तलाश रहे हैं। चमोली ने तंज कसते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए कांग्रेस नेताओं का यह ‘राजनीतिक पराक्रम’ सड़कों पर दिखाई दे रहा है, भले ही यह उनके पद और गरिमा के विपरीत हो।
अंकिता प्रकरण: सीबीआई जांच से मुद्दा छिनने का डर
थाने में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर चमोली ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की घोषणा के बाद से विपक्षी दल हताश हो गया है। कांग्रेस को लग रहा है कि उनके हाथ से एक बड़ा सियासी मुद्दा निकल गया है, इसीलिए वे अब अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री के पति से जुड़े विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला अल्मोड़ा से संबंधित है। पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई करेगी।
काशीपुर घटना: एसआईटी गठित, दोषियों पर होगी कार्रवाई
काशीपुर में किसान द्वारा आत्महत्या की घटना को भाजपा विधायक ने बेहद दुखद और गंभीर बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस मामले में तत्काल कड़े कदम उठाए गए हैं। जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है और शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
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चमोली ने जोर देकर कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई होगी। सरकार कानून व्यवस्था के मामले में निष्पक्षता और त्वरित न्याय के सिद्धांत पर अडिग है।















