DM Savin Bansal : देहरादून जिला प्रशासन ने मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में 827 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
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जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद उन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है जो या तो तय सीमा से ज्यादा हथियार रखकर रौब जमा रहे थे या फिर सरकारी पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट नहीं कर रहे थे। प्रशासन ने इन सभी लाइसेंसों को एनडीएएल-एएलआईएस (NDAL-ALIS) पोर्टल से भी डिलीट कर दिया है।
दो से ज्यादा हथियार रखने वालों पर एक्शन
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने आयुध (संशोधन) नियम-2019 के तहत एक व्यक्ति के लिए हथियारों की अधिकतम संख्या तीन से घटाकर दो कर दी थी। शासन के आदेश पर देहरादून प्रशासन ने जांच की तो पाया कि 54 लोग अभी भी दो से ज्यादा हथियार रखे हुए हैं। प्रशासन ने इन सभी को 26 अप्रैल 2025 को नोटिस भेजकर अतिरिक्त हथियार जमा करने को कहा था।
नोटिस मिलने के बाद भी इन 54 लोगों ने न तो हथियार जमा कराए और न ही कोई जवाब दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन सभी के अतिरिक्त शस्त्र और संबंधित लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। हालांकि, शूटिंग खेल प्रतियोगिताओं के लिए स्वीकृत शस्त्र लाइसेंसों को इस कार्रवाई से बाहर रखा गया है।
773 लोगों ने नहीं बनाया था यूआईएन (UIN)
प्रशासन की दूसरी बड़ी कार्रवाई उन लोगों पर हुई है जिन्होंने अपने शस्त्र लाइसेंस का डिजिटलीकरण नहीं कराया था। सरकारी आदेशों (वर्ष 2017, 2023 और 2025) के मुताबिक, सभी शस्त्र धारकों के लिए एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) जनरेट कराना अनिवार्य था।
देहरादून जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए कई बार लोगों से अपील की कि वे अपने दस्तावेज लेकर कार्यालय आएं और यूआईएन बनवाएं। इसके बावजूद 773 शस्त्र धारकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। 30 जून 2020 के बाद जिन मामलों में यूआईएन नहीं बना था, उन्हें अब निरस्त कर दिया गया है। इन लोगों को अब नए सिरे से शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा।



















