Tambe Ka Surya Vastu : घर में सुख-शांति और बरकत बनाए रखने के लिए लोग कई तरह के वास्तु उपाय अपनाते हैं। इनमें तांबे का सूर्य (Copper Sun) बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
वास्तु शास्त्र में इसे सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और धन का प्रतीक कहा गया है। अगर आप भी घर में तांबे का सूर्य ला रहे हैं, तो इसे टांगने की सही दिशा और नियमों का पालन करना जरूरी है। गलत जगह पर लगा सूर्य लाभ की जगह परेशानी का कारण बन सकता है।
सही दिशा और स्थान का चुनाव
सूर्यदेव सफलता और ऊर्जा के कारक हैं। उनका उदय पूर्व दिशा से होता है, इसलिए तांबे का सूर्य हमेशा पूर्व दिशा (East Direction) की दीवार पर लगाना चाहिए। यह घर में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करता है।
खासकर जिन घरों में पूर्व दिशा की ओर कोई खिड़की या रास्ता नहीं है, वहां दीवार पर तांबे का सूर्य लगाना बहुत फायदेमंद होता है। यह उस प्राकृतिक ऊर्जा की कमी को पूरा करता है जो हमें सीधे सूरज से मिलती है।
इसे घर के मुख्य हॉल, ड्राइंग रूम या पूजा घर में ऐसी जगह लगाएं जहां यह सम्मानजनक ऊंचाई पर रहे।
भूलकर भी यहां न लगाएं
दिशा के साथ-साथ जगह का सही होना भी बहुत मायने रखता है। तांबे के सूर्य को कभी भी बेडरूम या किचन में नहीं लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार इन जगहों पर इसे लगाना अशुभ माना जाता है।
अगर आप इसे मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance) के पास लगा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि सूर्य का मुख घर के अंदर की ओर हो। इसे दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाने से बचें, क्योंकि इससे घर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
दिन और रख-रखाव
तांबे के सूर्य को स्थापित करने के लिए रविवार या मंगलवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। इसे लगाने से घर के चारों तरफ यश और कीर्ति बनी रहती है और धन में वृद्धि होती है।
एक बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में लगा तांबे का सूर्य साफ-सुथरा हो। जंग लगा, टूटा हुआ या काला पड़ा सूर्य दीवार पर न रखें। यह नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं को दूर करने में तभी मदद करता है जब इसे सही विधि से रखा जाए।



















