देहरादून : देहरादून में पिछले कुछ हफ्तों से दमघोंटू होती हवा में अब जाकर थोड़ी राहत मिली है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI), जो कुछ समय पहले तक 300 के पार जाकर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बना हुआ था, अब जनवरी के मध्य तक 200 के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
हालांकि, यह स्तर अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन गंभीर हालात से शहर को थोड़ी मोहलत जरूर मिली है।
रात में अभी भी खतरा बरकरार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दिन में भले ही स्थिति सुधरी हो, लेकिन रात के समय खतरा अभी भी बना हुआ है। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, रात के वक्त हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच रही है।
ऐसे में बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए रात का वक्त अब भी जोखिम भरा है। बोर्ड का मानना है कि हालात पहले से नियंत्रण में जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह निश्चिंत होने का समय अभी नहीं आया है।
क्यों जहरीली हुई थी वादियों की हवा?
देहरादून की हवा खराब होने के पीछे मौसम की बेरुखी बड़ी वजह रही। सर्दियों में बारिश का न होना और हवा का दबाव कम रहने से प्रदूषक तत्व वातावरण में ही ठहर गए।
इसके चलते हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे घातक सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ गई थी। ये कण सीधे फेफड़ों और हृदय को नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हीं कारणों से दून का नाम देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल होने लगा था।
बोर्ड की सख्ती और बारिश की आस
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव शुरू करवाया ताकि उड़ती धूल को बैठाया जा सके। निर्माण कार्यों पर भी नजर रखी जा रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि वायु गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इन प्रयासों से कणों के स्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है।
इस बीच, मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का पूर्वानुमान है।
बारिश होने पर हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण जमीन पर बैठ जाएंगे, जिससे दून की हवा के और साफ होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल AQI 201 से ऊपर खराब और 300 से ऊपर बेहद खराब माना जाता है।
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