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Leftover Oil Health Risks : रोज़ाना किचन में हो रही ये छोटी गलती, धीरे-धीरे पहुंचा रही है शरीर को नुकसान

Leftover Oil Health Risks : भारतीय रसोई में अक्सर पैसों की बचत के लिए बचे हुए तेल का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. बार-बार गर्म करने से तेल की केमिकल संरचना बदल जाती है, जो हार्ट अटैक, कैंसर और कमजोर इम्युनिटी का बड़ा कारण बन सकती है.

Published on: January 21, 2026 7:31 AM
Leftover Oil Health Risks
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HIGHLIGHTS

  • बार-बार गर्म करने पर तेल में 'फ्री रेडिकल्स' बनते हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं.
  • बचा हुआ तेल खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाकर दिल की बीमारियों को न्योता देता है.
  • री-यूज्ड तेल के सेवन से पेट में गैस, एसिडिटी और इनडाइजेशन की समस्या होती है.
  • तेल का केमिकल स्ट्रक्चर बदलने से खाने में कड़वापन और बदबू आने लगती है.

Leftover Oil Health Risks : क्या आप भी पकौड़े या पूड़ियां तलने के बाद कढ़ाही में बचे तेल को शीशी में भरकर रख लेते हैं? अगर हां, तो आप अनजाने में अपने परिवार की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं.

रसोई में पैसों की बचत या पुरानी आदत के चलते अपनाई जाने वाली यह प्रक्रिया शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. सेहत के लिहाज से यह जानना जरूरी है कि कढ़ाही में बचा हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए.

केमिकल लोचा: क्यों जहर बन जाता है तेल

जब तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म किया जाता है या उसमें लगातार खाना तला जाता है, तो उसकी ‘केमिकल संरचना’ (Chemical Structure) पूरी तरह बदल जाती है. विज्ञान की नजर में यह तेल अब सामान्य नहीं रहता.

ऐसे ‘री-यूज्ड’ तेल का सेवन सीधे तौर पर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है. इसलिए खाना बनाते समय कढ़ाही में उतनी ही मात्रा डालें जितनी जरूरत हो.

अगर किसी कारणवश तेल बच भी जाए, तो उसे फेंक देना ही समझदारी है, दोबारा इस्तेमाल करना नहीं.

कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा

बार-बार गर्म किया गया तेल शरीर में ‘फ्री रेडिकल्स’ की मात्रा बढ़ा देता है. ये फ्री रेडिकल्स ही कैंसर, डायबिटीज और दिल की गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण बनते हैं.

यह तेल नसों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को बढ़ा देता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है.

साथ ही, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कमजोर कर देता है, जिससे व्यक्ति जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगता है.

पेट और स्वाद दोनों खराब

बचे हुए तेल का असर सबसे पहले पाचन तंत्र पर दिखता है. ऐसे तेल में बना खाना खाने से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और इनडाइजेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. सिर्फ सेहत ही नहीं, यह खाने की गुणवत्ता भी गिरा देता है.

दोबारा इस्तेमाल किए गए तेल से पके भोजन का स्वाद कड़वा हो जाता है और उसमें से एक अजीब सी महक आने लगती है जो खाने का पूरा मजा किरकिरा कर देती है.

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Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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