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3BHK Flat Prices India : टॉप शहरों में 3BHK की कीमत 2.7 करोड़, अमीरों की पहुंच से भी बाहर हुए घर!

देश के पांच प्रमुख महानगरों में एक नए 3BHK फ्लैट की औसत कीमत 2.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. प्रॉपटेक कंपनी स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के अनुसार, 23 लाख रुपये सालाना कमाने वाले व्यक्ति को ऐसा घर खरीदने के लिए अपनी पूरी 12 साल की कमाई लगानी पड़ेगी. बाजार में अब केवल 11% घर ही अफॉर्डेबल श्रेणी में बचे हैं, जिससे आम खरीदारों पर ईएमआई का भारी दबाव बढ़ा है.

Published on: January 23, 2026 1:05 PM
3BHK Flat Prices India : टॉप शहरों में 3BHK की कीमत 2.7 करोड़, अमीरों की पहुंच से भी बाहर हुए घर!
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HIGHLIGHTS

  • टॉप 5 शहरों में नए 3BHK फ्लैट की औसत कीमत 2.7 करोड़ रुपये हुई.
  • टॉप 1% कमाई (22-23 लाख सालाना) वाले वर्ग को भी घर के लिए 12 साल की आय देनी होगी.
  • नए लॉन्च हुए घरों में सिर्फ 11% ही अब किफायती श्रेणी में आते हैं.
  • बेंगलुरु सबसे संतुलित बाजार है, जबकि हैदराबाद में कीमतें आय से तेज बढ़ीं.
  • सही लोकेशन या उभरते इलाकों के चुनाव से खरीदार 30 से 60 लाख रुपये बचा सकते हैं.

3BHK Flat Prices India : भारत के पांच प्रमुख महानगरों में एक नए 3BHK फ्लैट की औसत कीमत अब 2.7 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है. प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म स्क्वायर यार्ड्स की ताजा रिपोर्ट ने रियल एस्टेट बाजार की यह तस्वीर पेश की है. आंकड़ों से साफ है कि बड़े शहरों में अपना आशियाना बनाना अब उच्च आय वर्ग के लिए भी आसान नहीं रहा है.

12 साल की कमाई और घर का सपना

रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 23 लाख रुपये है, तो उसे एक 3BHK फ्लैट खरीदने के लिए अपनी 12 साल की पूरी कमाई खर्च करनी होगी. गौर करने वाली बात यह है कि भारत के टॉप 1% कमाने वालों की औसत आय भी लगभग 22 लाख रुपये सालाना है. इसका सीधा मतलब है कि देश का सबसे अमीर तबका भी अब प्रॉपर्टी की इन आसमान छूती कीमतों के दबाव में है.

बाजार में अफॉर्डेबल घरों का टोटा

बाजार में लॉन्च हो रहे नए प्रोजेक्ट्स में सस्ते घरों की संख्या लगातार घट रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, नए घरों में से केवल 11% ही अफॉर्डेबल या किफायती श्रेणी में आते हैं. बाकी 89% घर उन इलाकों या प्रोजेक्ट्स में हैं, जहां ईएमआई का बोझ खरीदार की मासिक आय पर भारी पड़ रहा है. करीब 41% मार्केट में खरीदार गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं.

मांग बढ़ने के साथ कीमतें भी बेकाबू

वर्क फ्रॉम होम और बड़े स्पेस की जरूरत ने पिछले कुछ सालों में 3BHK और उससे बड़े घरों की मांग बढ़ाई है. लोग भविष्य की जरूरतों को देख कर घर खरीद रहे हैं. लेकिन जमीन की बढ़ती कीमतें, महंगा निर्माण और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की होड़ ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ दिया है.

शहरों का हाल: कहां राहत, कहां आफत?

अलग-अलग शहरों में स्थिति भिन्न है. रिपोर्ट ने बेंगलुरु को सबसे संतुलित बाजार माना है, क्योंकि वहां प्रॉपर्टी की कीमतों के साथ लोगों की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है. वहीं, हैदराबाद में घर की कीमतें लोगों की आय के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं. पुणे में सेंट्रल इलाके महंगे हैं, जिससे आम खरीदार बाहरी इलाकों (Outskirts) की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. एनसीआर और मुंबई में सही लोकेशन का चुनाव बहुत अहम हो गया है.

30 से 60 लाख रुपये बचाने का तरीका

महंगाई के इस दौर में रिपोर्ट एक राहत का रास्ता भी दिखाती है. अगर खरीदार प्राइम लोकेशन की जगह उभरते हुए इलाकों या बाहरी क्षेत्रों (Periphery) का चुनाव करें, तो वे प्रॉपर्टी की कीमत में 30 से 60 लाख रुपये तक की सीधी बचत कर सकते हैं. कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ अब ये इलाके रहने के लिहाज से बेहतर विकल्प बनते जा रहे हैं.

Rajat Sharma

रजत शर्मा बतौर ऑथर करीब 3 साल से दून हॉराइज़न से जुड़े हुए हैं। मूल रूप से देहरादून (उत्तराखंड) के रहने वाले रजत शर्मा दून हॉराइज़न में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखते हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय रजत ने यहां से पहले कई और मीडिया संस्थानों में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। 📧 Email: info.dhnn@gmail.com

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