होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Dalchini Health Benefits : डायबिटीज कंट्रोल में कैसे मदद करती है दालचीनी, जानिए आयुर्वेदिक रहस्य

Dalchini Health Benefits : रसोई में इस्तेमाल होने वाली दालचीनी सिर्फ मसाला नहीं, बल्कि डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म के लिए एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि है। सही दालचीनी (सीलोन) का सेवन इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है और ब्लड शुगर कंट्रोल करता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली हर दालचीनी सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होती।

Published on: January 24, 2026 6:09 PM
Dalchini Health Benefits
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • आयुर्वेद में दालचीनी (Tvak) को मेटाबॉलिज्म और पाचन सुधारने वाली शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना गया है।
  • यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर कर ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करती है।
  • सीलोन दालचीनी (Ceylon Cinnamon) ही औषधीय उपयोग के लिए सुरक्षित है, क्योंकि इसमें कूमारिन कम होता है।
  • सुबह खाली पेट दालचीनी की चाय या फलों पर पाउडर छिड़ककर इसका सेवन किया जा सकता है।

Dalchini Health Benefits : आपकी रसोई में मौजूद दालचीनी सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि यह शरीर के लिए एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक दवा का काम करती है।

दालचीनी (Tvak) मेटाबॉलिज्म को तेज करने और पाचन तंत्र को सुधारने में बेहद असरदार है। यह ब्लड शुगर को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने में मदद करती है।

शुगर कंट्रोल और मेटाबॉलिज्म का कनेक्शन

आयुर्वेद का मानना है कि डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। यह शरीर की कमजोर ‘अग्नि’ (Digestive Fire) और बिगड़े हुए मेटाबॉलिज्म का नतीजा है।

ऐसे में दालचीनी जैसी गर्म तासीर और ‘दीपनीय’ (पाचन बढ़ाने वाली) जड़ी-बूटी शरीर के अंदरूनी सिस्टम को बैलेंस करती है।

दालचीनी का मुख्य काम इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाना है। इससे आपका शरीर ब्लड में मौजूद शुगर का सही इस्तेमाल कर पाता है और शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

कफ और वजन पर सीधा असर

डायबिटीज के मरीजों में अक्सर कफ और ‘आम’ (Ama या टॉक्सिन) की मात्रा बढ़ जाती है। दालचीनी इन विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने और दोषों को संतुलित करने का काम करती है।

इसके नियमित सेवन से शरीर में जमा अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे कम होने लगता है। वजन कंट्रोल में रहने से डायबिटीज मैनेजमेंट में बड़ी मदद मिलती है।

कौन सी दालचीनी है सुरक्षित?

सेहत के लिए दालचीनी का चुनाव सबसे अहम है। डॉ. सवालिया बताते हैं कि ‘सीलोन दालचीनी’ (Ceylon Cinnamon) में कूमारिन नामक तत्व कम होता है, जिससे यह रोजाना और लंबे समय तक खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

दूसरी तरफ, बाजार में आम तौर पर मिलने वाली ‘कैसिया दालचीनी’ (Cassia) का अधिक मात्रा में सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए औषधीय लाभ के लिए हमेशा सीलोन दालचीनी ही चुनें।

सेवन का सही तरीका

आप सुबह खाली पेट दालचीनी की हल्की चाय बनाकर पी सकते हैं। इसे गुनगुने पानी या किसी भी हर्बल ड्रिंक में मिलाकर पीना भी फायदेमंद रहता है।

अगर आप सीधे सेवन नहीं करना चाहते, तो कटे हुए फलों पर एक चुटकी दालचीनी पाउडर छिड़ककर खाएं।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading