Raw Vegetable Juice Risks : अक्सर देखा जाता है कि लोग सेहत बनाने के लिए मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं और लौटते वक्त पार्क के बाहर खड़े रेहड़ी वालों से हरी सब्जियों का जूस पीते हैं।
कड़वा और अजीब स्वाद होने के बावजूद लोग इसे ‘सेहत का खजाना’ मानकर एक सांस में पी जाते हैं। आम धारणा है कि चुकंदर खून बढ़ाता है, पालक से आयरन मिलता है और खट्टे फलों से विटामिन-सी।
बेशक इन सब्जियों में पोषक तत्व होते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इनका कच्चा जूस वाकई शरीर को फायदा पहुंचा रहा है? हकीकत इससे थोड़ी अलग हो सकती है।
पचने में मुश्किल है कच्चा जूस
शरीर के लिए पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाने को पचाना काफी मशक्कत भरा काम होता है। जब हम सब्जियों का जूस निकालते हैं, तो उनमें मौजूद सबसे जरूरी तत्व यानी ‘फाइबर’ मशीन में ही रह जाता है और खत्म हो जाता है।
बिना फाइबर के यह जूस शरीर को पूरा पोषण नहीं दे पाता। यही वजह है कि इसे पीने के बाद कई लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
बैक्टीरिया और इन्फेक्शन का खतरा
कच्ची सब्जियों के साथ सबसे बड़ा जोखिम साफ-सफाई का होता है। इनमें ई. कोली (E. coli), साल्मोनेला और कई तरह के घातक सूक्ष्मजीव छिपे हो सकते हैं।
अगर सब्जियों को ठीक से धोया न गया हो, तो ये सीधे पेट में जाकर फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन्हें कच्ची सब्जियों का जूस पीने से बचना चाहिए।
सेवन का सही तरीका क्या है?
हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने का सबसे सुरक्षित और सही तरीका उन्हें हल्का पकाना है। आप इन्हें भाप (Steaming) में पका सकते हैं या उबाल सकते हैं।
इसके अलावा कटी हुई पत्तियों और सब्जियों को दाल, सूप या अनाज के साथ पकाकर खाना पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है। इससे पोषण भी मिलता है और इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं रहता।
इन चीजों का जूस पीना सुरक्षित
अगर आप जूस पीना ही चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स कुछ चुनिंदा चीजों की सलाह देते हैं। गाजर, चुकंदर, खीरा, अजवाइन, व्हीटग्रास, अदरक, पार्सले और धनिये (Cilantro) का जूस पिया जा सकता है।
पेट में सूजन या डकार की समस्या न हो, इसके लिए इस जूस में एक चुटकी नमक जरूर मिला लें।















