उत्तरकाशी : (Uttarkashi Earthquake Update) उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में धरती डोलने का सिलसिला थम नहीं रहा है. सोमवार रात एक बार फिर जिला मुख्यालय में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात के सन्नाटे में अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए, हालांकि गनीमत रही कि इससे किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.
10:05 बजे महसूस हुई कंपन
सोमवार रात ठीक 10:05 बजे जिला मुख्यालय क्षेत्र में कंपन महसूस की गई. झटका लगते ही प्रशासन हरकत में आ गया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाई ने बताया कि भूकंप की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने तत्काल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून से संपर्क साधा.
हैरानी की बात यह रही कि झटकों की तीव्रता इतनी न्यून (कम) थी कि यह आईएमडी के सिस्टम पर शो ही नहीं हुआ. इस कारण इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता का सटीक आंकड़ा नहीं मिल पाया.
अन्य तहसीलों में स्थिति सामान्य
प्रशासन ने तुरंत जिले के अन्य हिस्सों से संपर्क किया. राहत की खबर यह है कि चिन्यालीसौड़, डुण्डा, भटवाड़ी, मोरी, पुरोला और बड़कोट तहसील क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए. आपदा प्रबंधन अधिकारी ने पुष्टि की है कि पूरे जनपद में स्थिति सामान्य है और कहीं से भी किसी नुकसान की सूचना नहीं है. एहतियात के तौर पर सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
जनवरी 2025 में कब-कब डोली धरती
उत्तरकाशी में इस साल जनवरी महीने में भूकंप की सक्रियता चिंता का विषय बनी रही है. आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 24 जनवरी को दो बार (सुबह 7:41 पर 2.7 तीव्रता और 8:19 पर 3.5 तीव्रता) झटके आए थे.
इसके अलावा 25 जनवरी को सुबह 5:47 बजे (2.4 तीव्रता), 29 जनवरी को दोपहर 3:28 बजे (2.7 तीव्रता), 30 जनवरी को सुबह 7:31 बजे (2.7 तीव्रता) और 31 जनवरी को सुबह 9:28 बजे (2.7 तीव्रता) का भूकंप रिकॉर्ड किया गया था.
जोन 5 का खतरा और पुराना इतिहास
हिमालयी राज्य उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यह जोन 5 में आता है. उत्तरकाशी जनपद विशेष रूप से जोन 4 और 5 के अंतर्गत है, जो इसे सिस्मिक गतिविधियों के लिए अतिसंवेदनशील बनाता है. गौरतलब है कि 1991 में यहां 6.4 रिक्टर स्केल का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 653 लोगों की जान चली गई थी. प्रशासन द्वारा स्कूलों और अन्य संस्थानों में लगातार भूकंप सुरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.



















