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Home Remedy For Cough : खांसी और कफ में असरदार हैं पान के पत्ते, जानिए सही इस्तेमाल का तरीका

सर्दियों में ठंड और स्मॉग के कारण छाती में कफ जमना और सांस लेने में तकलीफ होना आम है। ऐसे में आयुर्वेद में पान के पत्तों को एक प्रभावी घरेलू नुस्खा माना गया है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और गर्म तासीर बलगम को पिघलाकर बाहर निकालने और गले की सूजन कम करने में मदद करते हैं।

Published on: January 28, 2026 7:10 AM
Home Remedy For Cough
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HIGHLIGHTS

  • पान के पत्तों में मौजूद एक्सपेक्टोरेंट गुण छाती में जमा गाढ़ा कफ ढीला करने में सहायक होते हैं।
  • अदरक और शहद के साथ पान का सेवन करने से सूखी खांसी और गले की जलन में राहत मिलती है।
  • पान के पत्तों को हल्का गर्म करके छाती पर रखने से भी जकड़न और भारीपन कम होता है।
  • इनमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स सर्दियों में कमजोर इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं।

Home Remedy For Cough : सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी हवा और बढ़ते स्मॉग का सीधा असर हमारी सांसों पर पड़ता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई छाती में जकड़न, भारीपन और कफ जमने की समस्या से परेशान रहता है।

कम तापमान और कमजोर इम्यूनिटी के चलते बलगम गाढ़ा हो जाता है, जिससे लगातार खांसी आती है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है। कई बार दवाइयों से तुरंत आराम नहीं मिलता, ऐसे में सदियों पुराने आयुर्वेदिक उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं।

पान के पत्तों का औषधीय गुण

पान के पत्तों का इस्तेमाल भारतीय घरों में पारंपरिक तौर पर सर्दी-खांसी के इलाज के लिए होता आया है। आयुर्वेद के मुताबिक, पान के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एक्सपेक्टोरेंट गुण पाए जाते हैं।

ये तत्व छाती में जमा कफ को ढीला करते हैं, जिससे बलगम आसानी से बाहर निकल जाता है। पान की तासीर गर्म होती है, जो शरीर में प्राकृतिक गर्माहट पैदा करती है और ठंड के असर को कम करती है।

गले की सूजन और इम्यूनिटी पर असर

सिर्फ कफ ही नहीं, सर्दियों में होने वाली सूखी खांसी और गले की खराश में भी यह नुस्खा काम आता है। पान के पत्तों का अर्क गले को नमी देता है और सूजन या जलन को कम करता है।

इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहेगी, तो बार-बार सर्दी-जुकाम होने का खतरा अपने आप कम हो जाएगा।

इस्तेमाल का सही तरीका

इस घरेलू नुस्खे को दो तरीकों से अपनाया जा सकता है। पहला तरीका यह है कि आप एक पान का पत्ता लें और उसे थोड़े से अदरक और शहद के साथ चबाएं।

इसे सुबह या रात को सोने से पहले लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दूसरा तरीका बाहरी उपयोग का है।

पान के पत्ते को हल्का गर्म करके छाती पर रखने से सिकाई होती है, जिससे जकड़न में तुरंत आराम मिलता है।

सावधानी: यह उपाय सामान्य सर्दी-खांसी और कफ के लिए है। पान के पत्तों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या गंभीर हो, तो घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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