India-EU Trade Deal : भारत और यूरोप के बीच व्यापार के एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। लगभग दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार ऐतिहासिक ट्रेड डील फाइनल हो गई है।
इस समझौते ने भारत के बड़े बाजार को यूरोपीय संघ (EU) के लिए खोल दिया है। इसका सीधा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि ईयू से आने वाले करीब 90 फीसदी उत्पादों पर टैरिफ या तो पूरी तरह हटा दिया गया है या काफी कम कर दिया गया है।
लग्जरी कारों के लिए बड़ा ऐलान
इस डील में सबसे बड़ी खबर ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए है। अगर आप यूरोप की लग्जरी कार खरीदने का सपना देख रहे थे, तो यह अब आसान हो सकता है। भारत ने यूरोपीय कारों और मोटर गाड़ियों पर लगने वाले भारी-भरकम 110% टैक्स को घटाकर सीधा 10% करने का फैसला किया है।
हालांकि, सरकार ने इसके लिए एक सीमा तय की है। सालाना केवल 2.5 लाख गाड़ियां ही इस रियायती दर पर भारत आ सकेंगी। इससे भारतीय सड़कों पर यूरोपीय तकनीक वाली गाड़ियों की पहुंच बढ़ेगी।
पार्टी और किचन का सामान हुआ सस्ता
शराब प्रेमियों के लिए भी यह डील राहत लेकर आई है। समझौते के तहत बीयर पर लगने वाला टैक्स घटाकर 50% कर दिया गया है, जबकि स्पिरिट्स पर यह अब 40% होगा। वाइन के शौकीनों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि इस पर टैक्स घटाकर 20-30% के बीच कर दिया गया है।
सिर्फ शराब ही नहीं, आपके किचन और डाइनिंग टेबल का खर्च भी कम होगा। सरकार ने ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, वेजिटेबल ऑयल, फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स पूरी तरह खत्म (जीरो) कर दिया है। इसके अलावा, यूरोप से आने वाले पास्ता और चॉकलेट पर भी अब कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।
इंडस्ट्री और ग्रीन एनर्जी को बूस्ट
व्यापार को आसान बनाने के लिए मशीनों पर लगने वाला 44%, केमिकल्स पर 22% और दवाओं (फार्मास्यूटिकल्स) पर लगने वाला 11% टैक्स ज्यादातर खत्म कर दिया गया है। एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े उत्पादों को भी टैक्स फ्री किया गया है।
इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत भारत को पर्यावरण सुधार के लिए बड़ी मदद मिलेगी। अगले दो साल में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के लिए EU ने €500 मिलियन (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) देने का वादा किया है। साथ ही, डिजिटल ट्रेड, कॉपीराइट सुरक्षा और छोटे उद्योगों (SME) के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि दोनों ओर के व्यापारियों को काम करने में आसानी हो।



















