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Mustard Oil Heart Risk : सरसों के तेल के छुपे हुए खतरे जो आपके दिल को प्रभावित कर सकते हैं, जानिए कैसे बचें

भारतीय रसोई में स्वाद और सेहत के लिए मशहूर सरसों का तेल कुछ विशेष स्वास्थ्य परिस्थितियों में नुकसानदायक साबित हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिल के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इसके सेवन से परहेज करना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

Published on: January 30, 2026 7:31 AM
Mustard Oil Heart Risk
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HIGHLIGHTS

  • हार्ट हेल्थ: सरसों के तेल में मौजूद एरुसिक एसिड दिल की मांसपेशियों में फैट जमा कर सकता है।
  • पाचन समस्या: इसकी तासीर गर्म होती है, जिससे एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ सकती है।
  • प्रेगनेंसी में रिस्क: इसमें मौजूद कुछ केमिकल कंपाउंड भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
  • एलर्जी और मोटापा: स्किन एलर्जी वालों और वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों को इसका सेवन सीमित करना चाहिए।

Mustard Oil Heart Risk : भारतीय घरों में खाना पकाने से लेकर त्वचा और बालों की देखभाल तक, सरसों का तेल सबसे पहली पसंद माना जाता है। आयुर्वेद में इसके फायदों का लंबा-चौड़ा वर्णन है और यह खाने का जायका भी बढ़ाता है।

लेकिन, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। कुछ विशेष हेल्थ कंडीशंस में यही फायदेमंद तेल शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

एक्सपर्ट्स ने उन लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है जो पहले से कुछ बीमारियों से जूझ रहे हैं। आइए समझते हैं कि किन लोगों को अपनी डाइट से सरसों के तेल को दूर रखना चाहिए।

दिल के मरीजों के लिए खतरा

आजकल हार्ट से जुड़ी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। ऐसे में खानपान में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सरसों के तेल में ‘एरुसिक एसिड’ पाया जाता है।

यह एसिड दिल की मांसपेशियों में फैट जमा करने का काम करता है, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या है, उन्हें डॉक्टर से पूछे बिना इस तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

पाचन तंत्र पर असर

अगर आप अक्सर अपच, गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग या सीने में जलन जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो सरसों का तेल आपकी तकलीफ बढ़ा सकता है। दरअसल, इस तेल की तासीर गर्म होती है और यह पचने में भारी होता है।

कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों को इसे पचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार इसके अधिक सेवन से उल्टी और दस्त जैसी स्थिति भी बन सकती है।

प्रेगनेंसी में सावधानी जरूरी

गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट को लेकर एक्स्ट्रा केयरफुल रहने की जरूरत होती है। सरसों के तेल में कुछ ऐसे केमिकल कंपाउंड होते हैं जो गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं।

साथ ही, इसकी गर्म तासीर भी गर्भावस्था के दौरान नई परेशानियां खड़ी कर सकती है। इसलिए, प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही सीमित मात्रा में इसका उपयोग करना चाहिए।

मोटापा और स्किन एलर्जी

वजन घटाने की जर्नी पर निकले लोगों के लिए सरसों का तेल सही विकल्प नहीं है। इसमें फैट की मात्रा काफी अधिक होती है, जो वजन को तेजी से बढ़ा सकती है।

इसके अलावा, जिन लोगों को स्किन एलर्जी, रैशेज या खुजली की शिकायत रहती है, उन्हें भी संभलकर रहना चाहिए। इस तेल के कंपाउंड्स एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं या आंतों में सूजन का कारण बन सकते हैं।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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