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Vastu Tips : धन की कमी और तनाव दूर करेगा तांबे का सूर्य, बस दिशा का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की पूर्व दिशा में तांबे का सूर्य लगाने से धन, यश और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे रविवार के दिन विधिवत स्थापित करना शुभ माना गया है। वहीं, शयनकक्ष, दक्षिण दिशा या गंदे स्थान पर इसे लगाने से वास्तु दोष और आर्थिक हानि हो सकती है।

Published on: January 29, 2026 6:11 AM
Vastu Tips
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HIGHLIGHTS

  • सही दिशा: तांबे का सूर्य हमेशा पूर्व दिशा (East) में लगाना चाहिए, यह भाग्योदय का कारक है।
  • वर्जित स्थान: इसे कभी भी बेडरूम, किचन, बाथरूम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न लगाएं।
  • स्थापना विधि: रविवार को गंगाजल से शुद्ध कर और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप कर इसे स्थापित करें।
  • साफ-सफाई: सूर्य पर धूल जमने से निगेटिविटी आती है, इसे नींबू से नियमित चमकाना जरूरी है।

Vastu Tips : ऊर्जा के अच्छे संवाहक तांबे और जीवन शक्ति के प्रतीक सूर्य का मेल वास्तु शास्त्र में बेहद खास माना गया है। कई घरों में आपने तांबे का सूर्य टंगा देखा होगा, लेकिन क्या वह सही दिशा में है?

वास्तु मानता है कि अगर इसे सही नियम से स्थापित किया जाए, तो यह घर के नकारात्मक माहौल को खत्म कर माता लक्ष्मी और सूर्यदेव की कृपा का पात्र बनाता है।

पूर्व दिशा में लगाना ही क्यों है जरूरी?

वास्तु शास्त्र स्पष्ट करता है कि तांबे का सूर्य लगाने के लिए पूर्व दिशा (East) सबसे उत्तम है। चूँकि यह सूर्योदय की दिशा है, इसलिए यहां धातु का सूर्य स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है।

इसे आप अपने पूजा घर, ड्राइंग रूम या घर के मुख्य हॉल की दीवार पर इस तरह लगाएं कि सुबह की रोशनी या ऊर्जा का संपर्क बना रहे।

अगर आप इसे घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) के पास लगाते हैं, तो यह बाहर की नकारात्मक ऊर्जा को घर में घुसने से रोकता है।

सही दिशा में लगा यह यंत्र करियर में उन्नति, पारिवारिक शांति और धन के नए रास्ते खोलने में मदद करता है।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

अक्सर लोग जानकारी के अभाव में इसे गलत जगह टांग देते हैं, जिससे फायदा की जगह नुकसान हो सकता है। वास्तु के मुताबिक, दक्षिण या पश्चिम दिशा में तांबे का सूर्य लगाना अशुभ है।

इससे घर में मानसिक तनाव और पैसों की तंगी बढ़ सकती है। इसके अलावा, इसे कभी भी बेडरूम, किचन या बाथरूम में नहीं लगाना चाहिए।

शौचालय या डस्टबिन के पास वाली दीवार पर इसे लगाने से भारी वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जो घर की सुख-शांति को बाधित कर सकता है।

चमकता सूर्य ही लाता है किस्मत

तांबे के सूर्य को सिर्फ टांग देना काफी नहीं है, उसका रखरखाव भी जरूरी है। गंदा या धूल से भरा सूर्य निगेटिव एनर्जी को खींचता है।

इसलिए इसे नियमित रूप से नींबू या किसी खट्टी चीज से साफ करते रहें। वास्तु कहता है कि तांबे का सूर्य जितना चमकदार होगा, घर में सकारात्मकता और धन-लाभ उतना ही बढ़ेगा।

स्थापना का सही समय और तरीका

इस उपाय का पूरा फल पाने के लिए विधि-विधान का पालन करें। इसे रविवार के दिन स्थापित करना विशेष शुभ माना जाता है। दीवार पर लगाने से पहले इसे गंगाजल से धोकर शुद्ध करें और हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएं।

इसके बाद ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें। इस छोटी सी पूजा और सही स्थान के चुनाव से आप जीवन में समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।

Ganga

गंगा एक अनुभवी धार्मिक समाचार लेखिका हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 3 वर्षों से अधिक का लेखन अनुभव प्राप्त है। धर्म, संस्कृति और आस्था से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है। वे सटीक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन शैली के लिए जानी जाती हैं। गंगा का उद्देश्य पाठकों तक धार्मिक घटनाओं, परंपराओं और समसामयिक समाचारों को सरल और विश्वसनीय रूप में पहुँचाना है। 📧 Email: editor.dhnn@gmail.com

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