Vastu Tips : घर की दीवार पर टंगी घड़ी सिर्फ समय नहीं बताती, बल्कि यह आपके अच्छे और बुरे वक्त का भी इशारा करती है। अनजाने में गलत दिशा या गलत तरीके से लगाई गई घड़ी बनते कामों को बिगाड़ सकती है।
वास्तु शास्त्र में घड़ी की सही दिशा और रखरखाव को लेकर स्पष्ट नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में खुशहाली बनी रहती है।
इन दिशाओं में घड़ी लगाना है सबसे शुभ
वास्तु के मुताबिक, दीवार घड़ी लगाने के लिए उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा सबसे उत्तम हैं। धार्मिक मान्यताओं में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर और पूर्व दिशा को देवराज इंद्र का स्थान माना गया है।
जानकार मानते हैं कि इन दिशाओं में घड़ी लगाने से घर के सदस्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसलिए कोशिश करें कि घड़ी इन्हीं दीवारों पर नजर आए।
घड़ी का रंग और आकार कैसा हो?
सिर्फ दिशा ही नहीं, घड़ी का रूप-रंग भी ऊर्जा पर असर डालता है। घर के लिए हमेशा गोल आकार की घड़ी ही चुनें।
रंगों की बात करें तो काले और नीले रंग की घड़ी घर में लगाने से बचना चाहिए। ये रंग वास्तु के अनुसार घड़ी के लिए नकारात्मक माने गए हैं।
इसके अलावा, घड़ी हमेशा साफ-सुथरी रहनी चाहिए। उस पर धूल न जमने दें और उसका समय एकदम सही रखें। घड़ी का पीछे या आगे चलना वास्तु सम्मत नहीं है।
ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
अक्सर लोग सजावट के चक्कर में कुछ बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं। वास्तु शास्त्र स्पष्ट करता है कि घर के हर कमरे या बरामदे में घड़ी नहीं होनी चाहिए।
विशेष रूप से बालकनी में घड़ी टांगना सख्त मना है। अगर आपके घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या उसका शीशा टूटा हुआ है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें।
बंद घड़ी रुकी हुई तरक्की का प्रतीक मानी जाती है। साथ ही, बेडरूम में पेंडुलम वाली घड़ी लगाने से बचें, क्योंकि यह मानसिक शांति में खलल डाल सकती है।



















