Vastu Shastra : वास्तु शास्त्र सिर्फ दिशाओं का ज्ञान नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने का तरीका है। घर में रखी हर वस्तु किसी न किसी तत्व का प्रतिनिधित्व करती है।
अगर घर की सजावट वास्तु के नियमों के अनुसार हो, तो परिवार के लोग सुखी और निरोगी जीवन बिताते हैं। सामान के रख-रखाव से घर की एनर्जी बदलती है, इसलिए निर्माण और सजावट के समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
घर में तोड़-फोड़ और आईने का उपाय
कई बार घर में बदलाव या रिनोवेशन के लिए तोड़-फोड़ करनी पड़ती है। वास्तु के अनुसार, इससे दोष उत्पन्न होता है। इस दोष को खत्म करने के लिए घर की छत पर एक बड़ा गोल आईना रख दें।
इसे ऐसे सेट करें कि मकान की छाया उस आईने में दिखाई दे। यह उपाय तोड़-फोड़ से पैदा होने वाली नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देता है।
रसोई और स्वास्थ्य का कनेक्शन
परिवार का स्वास्थ्य सीधे तौर पर रसोई घर से जुड़ा होता है। अगर किचन गलत दिशा में बना हो, तो यह कई तरह के वास्तु दोष पैदा करता है।
इसका सरल उपाय यह है कि आप रसोई के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में एक बल्ब लगा दें। इस बल्ब को सुबह और शाम के समय जरूर जलाकर रखें। यह अग्नि तत्व को संतुलित करने में मदद करता है।
खाली जमीन पर मकान का योग
अक्सर लोग जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन किसी न किसी कारण से उस पर मकान का निर्माण शुरू नहीं हो पाता।
यदि आप भी ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो पुष्य नक्षत्र में उस खाली जमीन पर एक अनार का पौधा लगा दें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से उस जमीन पर जल्द ही मकान बनने के योग बनने लगते हैं।
मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का सही माप
हिंदू धर्म में स्वास्तिक को बेहद पवित्र माना गया है। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का होना शुभ संकेतों को आमंत्रित करता है।
वास्तु के अनुसार, आपको मेन गेट पर 9 अंगुल लंबा और 9 अंगुल चौड़ा स्वास्तिक बनाना चाहिए।
इस निश्चित माप का स्वास्तिक घर को सभी प्रकार के रोगों और दोषों से मुक्त रखने में सहायक होता है।



















