Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में कड़ाके की सर्दी ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम के इस बदलते मिजाज के दो पहलू सामने आए हैं।
एक तरफ पहाड़ों की रानी मसूरी, धनोल्टी और सुरकंडा में सीजन की दूसरी बर्फबारी ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया है, तो दूसरी तरफ चमोली और गोपेश्वर में कुदरत का कहर बरसा है। भारी बर्फबारी और तूफान ने पहाड़ी जिलों में स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मसूरी और धनोल्टी: पर्यटकों के लिए ‘जन्नत’, झील जमी
मसूरी और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में फिर से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। पर्यटक इस नजारे का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं।
अत्यधिक ठंड के चलते मसूरी के कंपनी गार्डन (अटल उद्यान) की झील पूरी तरह जम गई है। झील में बर्फ की परत जमने से सुबह के समय नौकायन (बोटिंग) में पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
धनोल्टी, नाग टिब्बा और सुरकंडा में भी भारी बर्फबारी हुई है। नाग टिब्बा में करीब तीन फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। धनोल्टी के होटल संचालक जगदीश प्रसाद सेमवाल के अनुसार, क्षेत्र का तापमान माइनस में चला गया है, लेकिन पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने पुष्टि की है कि बर्फबारी की खबरों के बाद शहर के होटलों में बुकिंग में सीधा 30 फीसदी का इजाफा हुआ है।
चमोली और केदारनाथ: बर्फीले तूफान का कहर
पर्यटकों के जश्न से दूर, चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। गोपेश्वर में आए भयानक बर्फीले तूफान ने कई घरों की छतें उड़ा दीं। नीती-मलारी घाटी के शीतकालीन गांवों में मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। बर्फबारी के कारण जोशीमठ-नीती मलारी और गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हैं।
प्रशासन के मुताबिक, चमोली के 60 से ज्यादा गांव बर्फ से ढक जाने के कारण मुख्य धारा से कट गए हैं। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में भी यही हाल है।
-16 डिग्री में आईटीबीपी का साहस
केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड के बीच विषम परिस्थितियां बनी हुई हैं। यहां तापमान माइनस 16 डिग्री तक लुढ़क गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार फीट से ज्यादा बर्फ जम चुकी है। इसके बावजूद आईटीबीपी और पुलिस के जवान मुस्तैदी से धाम की सुरक्षा में तैनात हैं। जवान खुद फावड़ा लेकर रास्तों से भारी बर्फ हटाने और आवाजाही बहाल करने में जुटे हैं।
देहरादून में ‘ब्लैकआउट’ और कोहरे का अलर्ट
पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का असर मैदानी इलाकों में भी साफ दिख रहा है। राजधानी देहरादून में तेज हवाओं और बारिश ने बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी, जिससे कई कॉलोनियों में करीब 15 घंटे तक बिजली गुल रही।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बाद अब 1 फरवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, मैदानी जिलों विशेषकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। यहां घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी कम होने और ठिठुरन बढ़ने की संभावना जताई गई है।



















